वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के विकास कार्य और मंदिर से जुड़ी मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान घाट जाने की कोशिश कर रहे सपा नेताओं को पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर रोक लिया। चंदौली से सांसद वीरेंद्र सिंह और बलिया के सांसद सनातन पांडेय को आगे बढ़ने से रोका गया, जिसके बाद गाजीपुर में सनातन पांडेय ने करीब चार घंटे तक धरना दिया।
इसी क्रम में जौनपुर की मछलीशहर से सांसद प्रिया सरोज को उनके आवास पर ही रोके जाने की जानकारी सामने आई। वहीं, सपा के स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा को पुलिस द्वारा जबरन वैन में बैठाए जाने का वीडियो भी चर्चा में रहा। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी हुई और पुलिस ने कुल 18 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिन्हें देर रात जमानत पर छोड़ दिया गया।
सपा का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पार्टी के पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सर्किट हाउस से मणिकर्णिका घाट जाने के लिए निकला था, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इससे नाराज पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया और कई नेताओं ने वहीं धरना शुरू कर दिया।
अर्दली बाजार में रोके जाने के बाद सांसद वीरेंद्र सिंह धरने पर बैठ गए, जबकि लहुराबीर इलाके में एमएलसी आशुतोष सिन्हा को आगे बढ़ने से रोके जाने पर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस कार्रवाई के दौरान कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को वैन में बैठाकर थानों तक ले जाया गया। पुलिस वैन में बैठाए जाने के दौरान सपा नेताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए।
सुबह से शाम तक हालात तनावपूर्ण बने रहे। पुलिस प्रशासन की ओर से सपा कार्यकर्ताओं पर नजर रखने के निर्देश जारी किए गए और अलग-अलग स्थानों से कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। करीब सात घंटे तक चले राजनीतिक घटनाक्रम के बाद सांसद वीरेंद्र सिंह ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी आलोक वर्मा को सौंपा, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
सपा नेतृत्व के अनुसार, पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर यह प्रतिनिधिमंडल मणिकर्णिका घाट की स्थिति का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने वाला था, लेकिन पुलिस रोक के कारण ऐसा नहीं हो सका। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के कई सांसद, विधायक परिषद सदस्य और संगठन पदाधिकारी शामिल थे।
उधर, भाजपा नेता और प्रदेश सरकार में मंत्री रविंद्र जायसवाल ने सपा के प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा वाराणसी के विकास कार्यों का विरोध किया है और मणिकर्णिका घाट के विकास को लेकर किया जा रहा विरोध अनुचित है। मंत्री ने कहा कि घाट के विकास पर करीब 18 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और ऐसे कार्यों का समर्थन होना चाहिए।
इस बीच, गाजीपुर में सपा सांसद सनातन पांडेय के धरने के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें बलिया के नगरा थानाध्यक्ष सांसद के पैर छूते नजर आ रहे हैं। वीडियो को लेकर लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं—कुछ इसे शिष्टाचार बता रहे हैं, तो कुछ प्रशासनिक मर्यादा से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं।