उत्तर प्रदेश के खाद्य और रसद विभाग ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में राशन वितरण के पैटर्न में बदलाव किया है। फरवरी 2026 से लागू होने वाले नए स्केल के अनुसार, अंत्योदय कार्डधारकों को 21 किलो गेहूं और 14 किलो चावल मिलेगा, जबकि पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल दिया जाएगा। वितरण की कुल सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

बरेली मंडल के चारों जिलों में गेहूं की खपत अधिक होने के कारण यहां कोटे में गेहूं की मात्रा बढ़ा दी गई है। बरेली के जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह के अनुसार, अलीगढ़, आगरा, बरेली, मेरठ, मुरादाबाद और सहारनपुर जैसे मंडलों में अब अंत्योदय कार्डधारकों को 21 किलो गेहूं और 14 किलो चावल मिलेगा। इससे पहले इन कार्डधारकों को 14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल मिलता था। पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को अब प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल मिलेगा, जबकि पहले यह क्रमशः दो किलो गेहूं और तीन किलो चावल था।

मनीष कुमार सिंह ने बताया कि मोटे अनाज की उपलब्धता के आधार पर गेहूं और चावल की मात्रा समायोजित की जाएगी। फिलहाल बाजरा का वितरण केंद्रों पर शुरू हो चुका है। कोटेदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नए मानकों के अनुसार वितरण सुनिश्चित करें, ताकि फरवरी से नियम लागू होने पर किसी प्रकार की बाधा या शिकायत न आए।

धान प्रधान मंडलों में चावल की मात्रा बढ़ाई गई

वहीं, आजमगढ़, गोरखपुर, मिर्जापुर और वाराणसी जैसे धान प्रधान जिलों में चावल की मात्रा बढ़ाई गई है। इन मंडलों में अंत्योदय कार्डधारकों को अब 10 किलो गेहूं और 25 किलो चावल मिलेगा। पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट एक किलो गेहूं और चार किलो चावल मिलेगा।

अयोध्या, कानपुर, लखनऊ समेत कई अन्य मंडलों में राशन वितरण के पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वितरण की कुल सीमा पात्र गृहस्थी के लिए प्रति यूनिट 5 किलो और अंत्योदय कार्ड के लिए प्रति कार्ड 35 किलो ही रहेगी।