बागपत। मंगलवार देर रात और बुधवार शाम को दो अलग-अलग सड़क हादसों में कुल तीन लोगों की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले हादसे में निवाड़ा यमुना पुल पर ट्रक के पीछे बाइक टकराने से एमबीए के दो छात्रों मयंक नारायण गांगे (24) और पार्थ जिंदल (24) की मौत हुई। दूसरे हादसे में मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे पर शुगर मिल के पास ईंट ढोने वाले ट्रक में बाइक घुसने से आठ साल की छात्रा शिवांशी (8) की मौत हो गई, जबकि उसके पिता भूषण, मां रानी और पड़ोसी कल्लू घायल हो गए।
पहले हादसे के बारे में बताया गया कि दिल्ली के फर्स्ट टाइम बिजनेस कॉलेज के एमबीए छात्र अर्जुन सिंह तेवतिया और उनके साथी मयंक नारायण, पार्थ जिंदल व देवराज उत्तराखंड घूमने गए थे। मंगलवार रात करीब दो बजे देहरादून से दिल्ली लौटते समय सोनीपत-मेरठ नेशनल हाईवे पर निवाड़ा यमुना पुल पर आगे चल रहे ट्रक ने अचानक ब्रेक लगाया। पीछे चल रही बाइक ट्रक से टकरा गई, जिससे मयंक और पार्थ गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन मयंक रास्ते में ही दम तोड़ दिया। गंभीर स्थिति में पार्थ को दिल्ली रेफर किया गया, जहां उनका भी इलाज के दौरान निधन हो गया। अर्जुन ने बताया कि मयंक परिवार का इकलौता बेटा था।
दूसरा हादसा बुधवार शाम को मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे पर शुगर मिल के पास हुआ। कर्मअलीपुर गढ़ी गांव निवासी मजदूर भूषण अपनी पत्नी रानी, बेटी शिवांशी और पड़ोसी कल्लू के साथ बाइक से सामान खरीदने बागपत जा रहे थे। लौटते समय ईंट ढोने वाला ट्रक अचानक हाईवे पर आ गया और बाइक उसके नीचे आ गई। इस हादसे में आठ साल की शिवांशी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीनों अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रक चालक मौके से भाग गया। राहगीरों ने पुलिस को सूचित किया, और घायलों को जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
पुलिस अधिकारी रामकुमार कुंतल ने बताया कि दोनों घटनाओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने चेताया कि सड़क हादसों में नियमों का उल्लंघन गंभीर परिणाम ला सकता है। मृतकों के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर सदमे में हैं।