बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड प्रणाली में बदलने का निर्णय लिया है। हालांकि, इस नई व्यवस्था का लाभ तुरंत नहीं मिलेगा और इसमें करीब 24 दिन का समय लग सकता है। विभाग इस बदलाव के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने के बाद भी किसी उपभोक्ता का बैलेंस निगेटिव होने पर तत्काल बिजली नहीं काटी जाएगी, जिससे लोगों को फिलहाल राहत मिलेगी।

बताया गया है कि पोस्टपेड सिस्टम में बिलिंग चक्र 27 से 30 दिनों का होता है, जिसमें उपभोक्ता द्वारा उस अवधि में की गई बिजली खपत के आधार पर बिल तैयार किया जाता है। यही प्रक्रिया अब प्रीपेड मीटर पर भी लागू की जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, 1 जून से प्रीपेड मीटर पोस्टपेड मोड में काम करना शुरू कर देंगे। इसके बाद उपभोक्ताओं द्वारा उपयोग की गई बिजली की राशि उनके मौजूदा पॉजिटिव बैलेंस से घटाई जाएगी और नया बिल तैयार कर मैसेज के जरिए भेजा जाएगा।

जिन उपभोक्ताओं का बैलेंस निगेटिव होगा, उनकी राशि को मई के बिल में जोड़कर जून में समायोजित किया जाएगा। विभाग का अनुमान है कि 10 जून तक सभी प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को नया बिल मैसेज मिलना शुरू हो जाएगा।

इसके साथ ही ऑटो कमांड सिस्टम को भी समाप्त कर दिया गया है, जिसके जरिए पहले बकायेदारों की बिजली आपूर्ति एक साथ बंद कर दी जाती थी। हालांकि, अब बकायेदारों की बिजली काटने और जोड़ने का कार्य इंटेली स्मार्ट कंपनी के जिम्मे रहेगा, जो आवश्यकता के अनुसार सिस्टम को नियंत्रित करेगी।