यूपी: विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने प्रवासी भारतीयों के पंजीकरण की सुविधा शुरू की है। इसके लिए वर्ष 2011 में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 में संशोधन कर नियम 20-क को जोड़ा गया। इस नियम के तहत वे भारतीय नागरिक, जो रोजगार, शिक्षा या अन्य कारणों से विदेश में रह रहे हैं और जिन्होंने किसी अन्य देश की नागरिकता नहीं ली है, अपने नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकते हैं।

कौन हैं प्रवासी भारतीय मतदाता?
प्रवासी भारतीय वही नागरिक माने जाएंगे जिनकी आयु पंजीकरण की अर्हक तिथि तक 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी हो और जिनका भारत स्थित निवास पता उनके पासपोर्ट में दर्ज हो। ऐसे नागरिक अपने पासपोर्ट में अंकित पते के आधार पर संबंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज करा सकते हैं। आवेदन फार्म 6A के माध्यम से ऑनलाइन, ऑफलाइन या डाक द्वारा किया जा सकता है।

आवेदन की प्रक्रिया
ऑनलाइन आवेदन भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या ECINET मोबाइल ऐप से किया जा सकता है। आवेदन के साथ पासपोर्ट साइज फोटो, भारतीय पासपोर्ट के संबंधित पृष्ठों की स्वप्रमाणित प्रतियां और वैध वीज़ा की कॉपी अनिवार्य है। ऑफलाइन आवेदन की स्थिति में मूल पासपोर्ट दिखाना आवश्यक होगा।

मतदान की शर्तें
एक बार मतदाता सूची में नाम दर्ज होने पर प्रवासी भारतीय मतदान के पात्र हो जाते हैं, हालांकि उन्हें मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) नहीं जारी किया जाता। मतदान के दिन पहचान के लिए केवल मूल पासपोर्ट ही मान्य होगा।