गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) के महिला छात्रावास में बुधवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब एक पुरुष प्रोफेसर के हॉस्टल परिसर में पहुंचने को लेकर छात्राओं ने विरोध शुरू कर दिया। घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्राएं विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर एकत्र हो गईं और प्रदर्शन करने लगीं।
छात्राओं का आरोप है कि संबंधित प्रोफेसर ने हॉस्टल के भीतर उनके कमरों के दरवाजे खटखटाए, जिससे वे असहज महसूस करने लगीं। इस घटना के बाद माहौल गरमा गया और सैकड़ों छात्राएं प्रदर्शन में शामिल हो गईं। यह प्रदर्शन करीब चार घंटे तक चला।
सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। कुलपति प्रो. जेपी सैनी भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत कर उन्हें शांत कराने की कोशिश की। इसके बाद छात्राओं और प्रशासन के बीच बैठक हुई, जिसमें उन्होंने अपनी लिखित शिकायत सौंपी।
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया है। कुलपति ने आश्वासन दिया कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी और रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद छात्राएं शाम करीब सात बजे वापस लौट गईं।
सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय की ओर से छात्र-छात्राओं को एक शैक्षणिक कार्यक्रम में शामिल होने का निर्देश दिया गया था। इसी क्रम में कुछ प्रशासनिक अधिकारी, महिला वार्डन और सुरक्षा कर्मियों के साथ हॉस्टल पहुंचे थे, जहां यह स्थिति उत्पन्न हुई।
छात्राओं का यह भी आरोप है कि उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दबाव बनाया गया, जिससे विवाद और बढ़ गया। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।