लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के संयुक्त अधिवेशन संबोधन के साथ शुरू हुआ। अभिभाषण के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने पोस्टर और राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की तस्वीरें लेकर वेल में हंगामा किया। करीब 35 मिनट तक सपा सदस्य लगातार नारेबाजी करते रहे, जबकि राज्यपाल ने अपना संबोधन जारी रखा।
राज्यपाल के प्रवेश से पहले ही सपा सदस्य नारेबाजी कर रहे थे। राष्ट्रगान के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने राज्यपाल से अभिभाषण पढ़ने का अनुरोध किया। इसी दौरान सपा सदस्य मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के मुद्दे को लेकर विरोध करने लगे। उन्होंने वेल में आकर ‘गवर्नर मैडम गो बैक’ और ‘भाषण बंद करो’ जैसे नारे लगाए। इसके विपरीत भाजपा और सहयोगी दलों ने राज्य सरकार की उपलब्धियों की सराहना की।
राज्यपाल ने साधा सपा पर तंज
राज्यपाल ने प्रदेश के 121 राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में एक्सीलेंस सेंटर और 251 स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना का उल्लेख करते हुए सपा के शोरगुल पर तंज कसते हुए कहा, “आपके समय में यह सब जीरो था।” उन्होंने हाथ से जीरो का चिन्ह बनाकर विपक्षी नेताओं को आईना दिखाया।
कानून-व्यवस्था और निवेश पर जोर
राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश की मजबूत कानून-व्यवस्था के कारण सरकार को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। पुलिस और गृह विभाग के बजट में बीते नौ वर्षों में 150 प्रतिशत वृद्धि की गई। माफिया और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि 35 माफिया और उनके 94 सहयोगियों को आजीवन कारावास और अन्य सजाओं से दंडित किया गया। 267 अपराधी मुठभेड़ में ढेर किए गए और 4137 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई।
एटीएस ने पिछले नौ वर्षों में 148 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया, जबकि 186 अवैध विदेशी नागरिकों को भी पकड़ाया गया। पुलिस विभाग में 2.19 लाख भर्तियां हुईं और 1.58 लाख कर्मियों को पदोन्नत किया गया।
महिला सुरक्षा और तकनीकी सुधार
महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्त कार्रवाई के लिए 81 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थायी किए गए। आठ नई विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना हुई और छह का कार्य प्रगति पर है। यूपी 112 का रिस्पांस समय 25 मिनट 42 सेकंड से घटाकर 6 मिनट 51 सेकंड किया गया। प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर क्राइम थाने स्थापित किए गए। जेलों की क्षमता बढ़ाकर 10,257 की गई और 2025 में 1010 बंदियों को समय पूर्व रिहा किया गया।
सपा के बागी सदस्य और विधायक पल्लवी पटेल हंगामे में शामिल नहीं हुईं और अपनी जगह पर बैठी रहीं।