वाराणसी जिले में 25 दिसंबर 2025 को हुए समीर हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। थाना बड़ागांव क्षेत्र के दयालपुर गांव के पास हुई इस गोलीकांड में समीर सिंह की मौत हो गई थी, जबकि रामू यादव गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना के तुरंत बाद थाना बड़ागांव पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर गोमती जोन के पुलिस उपायुक्त के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। जांच में यह सामने आया कि आरोपी शराब के नशे में विवाद के बाद पकड़ में आने के डर से गोली चला बैठे, जिससे समीर सिंह की मौत हो गई।
जांच में लगभग 100 सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, 100 से अधिक लोगों से पूछताछ और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के साथ एक निजी कैमरे की ऑडियो रिकॉर्डिंग से अहम सुराग मिले।
पुलिस ने शुक्रवार को करन प्रजापति, प्रेमशंकर पटेल और शुभम मौर्य उर्फ लालू मौर्य को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। वहीं, संदीप यादव, दीपक यादव उर्फ कन्हैया, मनीष यादव, पवन कुमार पाल और आकाश पाल की अभी तलाश जारी है।
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उपायुक्त, गोमती जोन ने इस मामले का सफल खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार से सम्मानित किया।