वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अपने वाराणसी दौरे पर ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में शामिल हुए। बीएलडब्ल्यू ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 25 हजार से अधिक महिलाओं की उपस्थिति रही। प्रधानमंत्री खुली जीप में कार्यक्रम स्थल पहुंचे, जहां महिलाओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।

अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने “नम: पार्वती पतये, हर-हर महादेव” के उद्घोष से की और काशी को आध्यात्मिक ऊर्जा की भूमि बताते हुए यहां की परंपरा और आस्था का उल्लेख किया। उन्होंने स्थानीय बोली में महिलाओं को संबोधित करते हुए उनका अभिवादन किया और देश के बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए उनका आशीर्वाद मांगा।


प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में नारी शक्ति सबसे मजबूत स्तंभ है। उन्होंने कहा कि पहले बेटियों को आगे बढ़ने से रोका जाता था और उनसे कहा जाता था कि यह काम उनके बस का नहीं है, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और महिलाएं हर क्षेत्र में आगे आ रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने 6,332 करोड़ रुपये की 163 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इनमें काशी में बनने वाला सिग्नेचर ब्रिज, सोआ-रिग्पा अस्पताल और कबीरचौरा में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से काशी और पूर्वांचल के विकास को नई गति मिलेगी।

उन्होंने काशी और अयोध्या के बीच बेहतर कनेक्टिविटी पर भी जोर दिया और कहा कि इससे धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर सरकार की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में शौचालय निर्माण, बैंक खाते खोलने, जल आपूर्ति और आवास जैसी योजनाओं से महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में घर महिलाओं के नाम पर पंजीकृत किए गए हैं, जिससे वे वास्तविक रूप से संपत्ति की मालिक बन रही हैं।

उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना, मातृ वंदना योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा को मजबूती मिली है। साथ ही, महिलाओं को सेना और रक्षा सेवाओं में भी नए अवसर दिए गए हैं।


नारी वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसे लागू करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ दल महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से असहज हैं, लेकिन सरकार का लक्ष्य महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी में चल रहे विकास कार्य जैसे गंगा की स्वच्छता, घाटों का विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और सामाजिक बुनियादी ढांचे का निर्माण शहर के समग्र और संवेदनशील विकास को दर्शाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में काशी और पूर्वांचल देश के विकास में और बड़ी भूमिका निभाएंगे।