देहरादून: उत्तराखंड की चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में नई मोड़ सामने आया है। सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच शाखा दो ने दिल्ली में अज्ञात वीआईपी के खिलाफ मामला दर्ज किया और सोमवार को जांच के लिए टीम उत्तराखंड पहुंच गई।

यह कार्रवाई पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर से जुड़े वायरल ऑडियो व वीडियो के विवाद के बाद हुई। इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नौ जनवरी 2026 को सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।

तीन साल बाद फिर चर्चा में

मामला फिर से सुर्खियों में तब आया जब उर्मिला सनावर ने फेसबुक लाइव पर वीडियो जारी किया। इस वीडियो में उन्होंने अंकिता हत्याकांड में कथित वीआईपी गट्टू का नाम लिया और एक ऑडियो का भी जिक्र किया जिसमें पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पास पूरी जानकारी होने की बात कही गई थी। वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस सहित कई संगठन धरना प्रदर्शन पर उतर आए और सीबीआई जांच की मांग तेज हो गई।

मुख्य आरोपियों को हो चुकी है उम्रकैद

अंकिता भंडारी की हत्या में मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। लेकिन हत्याकांड की रात वीआईपी किसके रिजॉर्ट में मौजूद था, यह रहस्य अब भी बरकरार है।

हत्याकांड की पूरी घटना

18 सितंबर 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था। एक सप्ताह बाद शव बरामद हुआ। एसआईटी ने जांच के बाद रिजॉर्ट मालिक और दो अन्य कर्मचारियों के खिलाफ लगभग 500 पेज की चार्जशीट दाखिल की। अभियोजन पक्ष ने 97 गवाह बनाए, जिनमें से 47 का परीक्षण किया गया।

मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना), 354 (ए) (छेड़खानी) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोप तय हुए। अन्य आरोपी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता पर भी हत्या और साक्ष्य छुपाने के आरोप थे।

मामले के दिन अंकिता ने अपने मित्र पुष्पदीप को बताया था कि पुलकित आर्य उसपर एक बड़े वीआईपी को अतिरिक्त सेवाएं देने के लिए दबाव डाल रहा था। लेकिन वीआईपी की असली पहचान आज तक गुप्त बनी हुई है।