देहरादून में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा आयोजित “महिला आक्रोश मशाल यात्रा” के दौरान गांधी पार्क में बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्र हुईं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
सीएम धामी का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा अपनी योजनाओं के केंद्र में महिला सशक्तीकरण को रखा है। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र इसी उद्देश्य से बुलाया गया था ताकि वर्ष 2029 तक महिला आरक्षण लागू किया जा सके। लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया में बाधा डालने का काम किया, जिससे एक ऐतिहासिक अवसर प्रभावित हुआ।
सीएम धामी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों को यह आशंका रहती है कि यदि महिलाएं आगे बढ़ेंगी तो उनका वर्चस्व कमजोर हो जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर विरोधी रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी भ्रम या गलतफहमी को दूर किया जाएगा।
उन्होंने कार्यकर्ताओं और उपस्थित महिलाओं से आह्वान किया कि वे महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर एकजुट रहें और समाज में फैलाई जा रही भ्रामक बातों का जवाब मजबूती से दें।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बयान
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण अधिनियम को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया, लेकिन विपक्षी दलों के विरोध के कारण इसे अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2029 तक महिलाओं को उनका अधिकार सुनिश्चित करना है।
मंत्री रेखा आर्या की प्रतिक्रिया
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण विधेयक का विरोध कर गलत संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि इसी विरोध के खिलाफ आज महिलाएं सड़क पर उतरकर अपना आक्रोश व्यक्त कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में महिलाएं राजनीतिक रूप से और अधिक जागरूक होकर निर्णायक भूमिका निभाएंगी।