उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बी.सी. खंडूड़ी के निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। देहरादून स्थित उनके आवास से निकली अंतिम यात्रा के दौरान माहौल भावुक हो गया और बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं पार्थिव शरीर को कंधा देकर अंतिम विदाई दी, जबकि कई वरिष्ठ नेताओं और उपराष्ट्रपति ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

अंतिम यात्रा और अंत्येष्टि

जानकारी के अनुसार, वसंत विहार स्थित आवास से सुबह 10 बजे उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। इसके बाद 10:30 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय में अंतिम दर्शन कराए गए। सुबह 11 बजे अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर हरिद्वार ले जाया गया, जहां दोपहर 12 बजे खड़खड़ी घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।

राज्य सरकार ने उनके निधन पर तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।

परिवार और राजनीतिक जीवन

बी.सी. खंडूड़ी अपने पीछे पत्नी अरुणा खंडूड़ी, बेटी एवं उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण और बेटे मनीष खंडूड़ी को छोड़ गए हैं। उनका परिवार लंबे समय से राजनीति और सार्वजनिक जीवन से जुड़ा रहा है।

नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

भाजपा प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बी.सी. खंडूड़ी का जीवन अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा का प्रतीक रहा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विकास में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और उनका निधन राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है।

इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, संगठन महामंत्री अजय कुमार, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, खजान दास, पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, मेयर सौरभ थपलियाल, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।