ज्योतिर्मठ में हाल ही में नगर पालिका के भवन में नमाज पढ़ने को लेकर उठे विवाद को प्रशासन ने पूरी तरह नियंत्रित कर लिया है। अब मुस्लिम समुदाय के लोग अपनी नमाज अपने घरों में अदा करेंगे और नगर पालिका की ओर से भवन पर ताला लगा दिया गया है।
वायरल वीडियो और विवाद
बृहस्पतिवार को नगर पालिका भवन में मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा नमाज पढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस पर कुछ हिंदूवादी संगठनों ने आपत्ति जताई और प्रशासन से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका ने बृहस्पतिवार देर शाम बोर्ड की आपात बैठक बुलाकर भवन को बंद करने और मुस्लिम समुदाय को अपनी व्यवस्था में नमाज पढ़ने का निर्देश दिया।
प्रशासन की कार्रवाई
एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि भवन के उपयोग के लिए औपचारिक अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए इसे बंद कर दिया गया। मुस्लिम समुदाय ने इस फैसले को स्वीकार किया और अब सभी नमाज घरों में अदा की जाएँगी। नगर में शांति व्यवस्था पूरी तरह बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है।
इसके अलावा, ज्योतिर्मठ थाना को निर्देश दिया गया है कि नगर में आने वाले बाहरी लोगों का 100 प्रतिशत सत्यापन किया जाए। यदि कोई बिना सत्यापन का व्यक्ति पाया जाता है, तो संबंधित कार्रवाई की जाएगी।
जुमे की नमाज घरों पर हुई
शुक्रवार को विवाद के बाद जुमे की नमाज निजी आवासों में अदा की गई। स्थानीय निवासी इफ्तेखार मलिक ने कहा कि वे पिछले 35 सालों से यहाँ रह रहे हैं और पहले भी रमजान के दौरान नगर पालिका भवन में नमाज होती रही है, लेकिन इस बार लिखित अनुमति नहीं होने के कारण विवाद खड़ा हुआ। इस दौरान पुलिस भी वहां मौजूद रही।
भाईचारे पर असर नहीं
स्थानीय मुस्लिम नेता सलीम राजा ने कहा कि उनके पूर्वज कई वर्षों से यहाँ रहते आए हैं और किसी तरह की समस्या नहीं आई। नगर पालिका भवन में नमाज को लेकर जो विवाद हुआ, उसका स्थानीय भाईचारे पर कोई असर नहीं पड़ेगा।