कोटद्वार। उत्तराखंड के कोटद्वार में कपड़े की दुकान के नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक सरोकार का रूप ले चुका है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले में ट्वीट कर जिम संचालक मोहम्मद दीपक को सराहते हुए उन्हें संविधान और इंसानियत के लिए लड़ने वाला ‘हीरो’ बताया। राहुल गांधी ने कहा कि दीपक उन मूल्यों के लिए खड़े हैं, जिन्हें रोज़ भाजपा और संघ परिवार कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने ट्वीट में लिखा कि दीपक नफरत और डर के माहौल में मोहब्बत का प्रतीक हैं और यही कारण है कि सत्ता पक्ष इससे असहज है। राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि देश को ऐसे नागरिकों की आवश्यकता है जो डरें नहीं और संवैधानिक जिम्मेदारियों के साथ खड़े रहें।

पुलिस अलर्ट, शहर में फ्लैग मार्च

इस विवाद के बाद कोटद्वार पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर है। शनिवार को देहरादून और हरिद्वार से आए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पटेल मार्ग और मालवीय उद्यान में हंगामा किया था। पुलिस ने दो दिन से रात के समय फ्लैग मार्च किया और कौड़िया स्थित यूपी-यूके सीमा पर वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी है। जिलेभर के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कोटद्वार बुला लिए गए हैं और दो प्लाटून पीएसी भी तैनात की गई हैं।

बीते 26 जनवरी को बजरंग दल और जिम संचालक समर्थकों के बीच हुई मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा और बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर जांच जारी है।

जिम संचालक दीपक से मिलने आए लोग, पुलिस ने रोका

रविवार को हरिद्वार और देहरादून से तीन-चार जिम संचालक दीपक से मिलने कोटद्वार पहुंचे। पुलिस ने उन्हें थाने लाकर पूछताछ की और बाद में छोड़ दिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने दीपक को थाने बुलाकर सुरक्षा और संभावित खतरे के बारे में निर्देश दिए। कोतवाल प्रदीप नेगी ने कहा कि बाहरी क्षेत्रों से आकर माहौल बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

जमीअत उलेमा-ए-हिंद ने दीपक की सुरक्षा की मांग की

जमीअत उलेमा-ए-हिंद उत्तराखंड ने डीजीपी को पत्र लिखकर दीपक कुमार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। संगठन ने कहा कि दीपक ने 26 जनवरी को एक मुस्लिम दुकानदार पर हमले के दौरान बीच-बचाव कर उसकी जान बचाई, और अब उन्हें खतरा उत्पन्न हो गया है।

प्रदेश महासचिव मौलाना शराफत अली कासमी ने कहा कि दीपक ने हिंसा के खिलाफ खड़े होकर सामाजिक सौहार्द और इंसानियत का परिचय दिया, लेकिन उन्हें धमकियां मिल रही हैं। उपाध्यक्ष मुफ्ती रईस अहमद कासमी ने डीजीपी से आग्रह किया कि तोड़फोड़ करने वालों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाए। जमीअत ने चेतावनी दी कि कोटद्वार की शांतिपूर्ण छवि को बनाए रखना आवश्यक है।