उत्तराखंड के नगरासू गुरुद्वारे में बीते दो दिनों से जारी तनावपूर्ण स्थिति में सोमवार को कुछ राहत देखने को मिली। गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर डटे निहंगों में से दो और निहंग नीचे उतर आए हैं। इनमें परमवीर सिंह (33), जो पंजाब के रूपनगर जिले के मलकपुर गांव के निवासी हैं, तथा जगनदीप शामिल हैं। इससे पहले एक निहंग रविवार को नीचे आ चुका था। अब गुरुद्वारे के भीतर चार निहंग शेष रह गए हैं।
शनिवार शाम से शुरू हुए इस घटनाक्रम ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी। करीब 27 घंटे तक चले गतिरोध के दौरान जिला प्रशासन और निहंगों के बीच तीन चरणों में बातचीत हुई, लेकिन शुरुआती दौर में कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया। निहंग कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार व्यक्तियों की रिहाई की मांग पर अड़े हुए थे।
रविवार शाम प्रशासन की ओर से फिर बातचीत का प्रयास किया गया, जिसके बाद हालात में कुछ नरमी आई। इसी दौरान बंधक बनाए गए गुरुद्वारे के सेवादार नवतेज सिंह को रिहा कर दिया गया और एक निहंग भी नीचे उतर आया था। सोमवार को दो और निहंगों के नीचे आने के बाद स्थिति पहले की तुलना में काफी शांत दिखाई दे रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अंदर मौजूद निहंगों से लगातार संवाद जारी है और विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश की जा रही है। रविवार शाम से गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं की आवाजाही और नियमित अरदास भी दोबारा शुरू कर दी गई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सात निहंग गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर चले गए थे और उन्होंने गुरुद्वारे के सेवादार समेत दो लोगों को अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस, आईटीबीपी, एटीएस और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती गुरुद्वारा परिसर और आसपास के इलाकों में की गई।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता अंदर मौजूद चार निहंगों को भी सुरक्षित और शांतिपूर्वक नीचे लाना है, ताकि पूरे मामले का समाधान बिना किसी अप्रिय घटना के किया जा सके।