मेरठ: भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़ने से पुलिस ने रोक दिया। प्रशासनिक अनुमति न मिलने के बाद किसान नेता कमिश्नरी चौराहे पर ही धरने पर बैठ गए और वहीं अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
किसान नेताओं का कहना है कि वे अपनी समस्याओं को शांतिपूर्ण तरीके से डीएम के सामने रखने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी आवाज को प्रशासन तक पहुंचने से रोका जा रहा है और उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।
रोकने के बाद किसान कार्यकर्ताओं ने कमिश्नरी चौराहे पर ही दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया और ज्ञापन सौंपने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का सुझाव दिया, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे।
धरने के कारण कुछ समय के लिए चौराहे पर यातायात भी प्रभावित हुआ। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई और प्रशासनिक अधिकारी पूरे मामले पर नजर बनाए रहे। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।