देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा हाल ही में कैबिनेट विस्तार के बाद नए मंत्रियों को विभागों की कमान सौंप दी गई है। मंत्रियों ने अब अपनी प्राथमिकताएं तय कर ली हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले लंबित योजनाओं को धरातल पर उतारने और नई योजनाओं को तेजी से लागू करने की चुनौती मंत्रियों के सामने है। इस चुनौती का सामना करने के लिए सभी मंत्रियों में जोश और उत्साह दिखाई दे रहा है।

युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना प्राथमिकता: भरत सिंह चौधरी

पहली बार कैबिनेट मंत्री बने भरत सिंह चौधरी ने कहा कि उनके विभाग की मुख्य प्राथमिकता युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना होगी। ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से सरकार की स्वरोजगार योजनाओं में तेजी लाकर आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और पैकेजिंग में सुधार कर उन्हें बड़े बाजार से जोड़ने पर भी फोकस रहेगा। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों पर आधारित छोटे उद्योगों को स्थापित करने के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

गांवों को पुनः आबाद करना मेरी प्राथमिकता: मदन कौशिक

कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि पंचायतों को सशक्त बनाने और पंचायत भवनों के निर्माण के साथ-साथ खाली पड़े गांवों को फिर से आबाद करना उनकी प्राथमिकता होगी। इसके अलावा आपदा प्रबंधन, आयुष शिक्षा, जनगणना और पुनर्गठन के कार्य भी जनहित को ध्यान में रखते हुए किए जाएंगे।

योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे: प्रदीप

परिवहन और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचेगा। परिवहन निगम कर्मचारियों को समय पर वेतन सुनिश्चित करना, निगम को लाभकारी बनाना और अधिक से अधिक क्षेत्रों में बस सेवा उपलब्ध कराना उनकी मुख्य प्राथमिकता होगी।

समाज कल्याण में पारदर्शिता और कार्यान्वयन: खजान दास

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा कि विभागीय योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और धरातल पर क्रियान्वित हो यह उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि विभाग से जुड़ी जांच और आरोपों की वजहों का पता लगाया जाएगा और आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

जल संरक्षण और पौधरोपण पर रहेगा जोर: राम सिंह कैड़ा

पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन और शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में जलस्रोतों का संरक्षण और पुनर्जीवन उनके विभाग की प्राथमिकता होगी। बरसात के पानी का संचयन, जल संरक्षण और पौधरोपण के कार्यक्रमों को तेजी से लागू किया जाएगा। इसके अलावा शहरी विकास योजनाओं को भी अधिक प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जाएगा।

मंत्रियों की यह प्राथमिकताएं राज्य में रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित हैं। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इन कार्यों की सफलता राज्य सरकार की छवि और जनप्रतिधिनत्व को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।