नोएडा। हाल ही में हुई तोड़फोड़ और उपद्रव की घटनाओं के बाद नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में बुधवार को हालात सामान्य होते दिखे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कई औद्योगिक इकाइयों में कामकाज दोबारा शुरू हो गया और बड़ी संख्या में श्रमिक ड्यूटी पर लौट आए।
प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे औद्योगिक इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। पीएसी और अर्धसैनिक बलों के जवानों को प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है। वहीं पुलिस अधिकारी लगातार फ्लैग मार्च कर हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
कुछ जगह फिर दिखी हलचल, पुलिस ने संभाला मोर्चा
ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 और इकोटेक-12 क्षेत्रों में बुधवार को कुछ श्रमिक समूहों ने एकत्र होकर विरोध का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते स्थिति बिगड़ने से पहले ही नियंत्रित कर ली गई। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई इलाकों में भी भीड़ जुटाने की कोशिशें विफल कर दी गईं।
प्रशासन को जैसे ही जानकारी मिली, तुरंत पुलिस टीम मौके पर पहुंची और समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया गया। साइट-बी क्षेत्र में भी श्रमिकों के इकट्ठा होने की कोशिश को रोक दिया गया।
श्रमिक मुख्य रूप से वेतन वृद्धि, ओवरटाइम भुगतान और अन्य सुविधाओं को लेकर अपनी मांगें रख रहे हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि कई मांगों पर राज्य स्तर पर निर्णय पहले ही लिया जा चुका है, जिसकी जानकारी लगातार श्रमिकों को दी जा रही है।
सुरक्षा के बीच बढ़ रही कामकाज की रफ्तार
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के बाद अब कई फैक्ट्रियों में उत्पादन फिर से शुरू हो गया है। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी से श्रमिकों में भी काम पर लौटने का भरोसा बढ़ा है।
उधर, शिव नादर यूनिवर्सिटी परिसर के बाहर कर्मचारियों ने भी कुछ समय के लिए प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस के समझाने और बातचीत के बाद मामला शांत हो गया और धरना समाप्त कर दिया गया।
सेक्टर-63 में भी कुछ कर्मचारी एकत्र हुए थे, जिन्हें मौके पर पहुंची पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने हटाकर स्थिति सामान्य कर दी।
संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी निगरानी
सेक्टर-82 स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स और मदरसन कंपनी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने कई स्थानों पर फ्लैग मार्च निकालकर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि उपद्रव फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एनएसए तक की कार्रवाई संभव है।
पहले की घटना को लेकर कार्रवाई तेज
सोमवार को हुए उपद्रव के मामले में पुलिस ने 1500 से अधिक लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर जाम लगाया गया, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी की गई।
पुलिस का दावा – हालात नियंत्रण में
पुलिस आयुक्त ने बताया कि उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान तेजी से की जा रही है और गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। फिलहाल सभी संवेदनशील इलाकों में हालात नियंत्रण में हैं और श्रमिकों को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिया जा रहा है।