नोएडा में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन को लेकर उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने कहा है कि फिलहाल जिले में हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और कानून-व्यवस्था की कोई बड़ी समस्या नहीं है। उन्होंने बताया कि सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर तैनात हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
डीजीपी के मुताबिक, पुलिस को सोशल मीडिया, मीडिया रिपोर्ट्स और यूपी-112 के माध्यम से लगातार सूचनाएं मिल रही हैं। हर इनपुट पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहले ही एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया था, जिसने मौके पर पहुंचकर श्रमिक संगठनों और उद्योग प्रतिनिधियों से बातचीत की और जरूरी घोषणाएं भी की हैं।
श्रमिकों के मुद्दों पर सरकार संवेदनशील
राजीव कृष्ण ने कहा कि सरकार श्रमिकों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और न्यूनतम वेतन से जुड़ी उनकी मांगों पर निर्णय भी लिया गया है। हालांकि कुछ लोगों द्वारा माहौल खराब करने की कोशिश की गई, जिनकी पहचान इलेक्ट्रॉनिक और सीसीटीवी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। उन्होंने श्रमिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह या उकसावे में न आने की अपील की।
समिति की सिफारिश पर बढ़ाई गई न्यूनतम मजदूरी
सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र में शांति और श्रमिकों-उद्यमियों के बीच संवाद कायम रखने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति बनाई है। इस समिति की अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त कर रहे हैं, जबकि अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई), प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन) और श्रमायुक्त कानपुर इसके सदस्य हैं।
समिति में श्रमिक संगठनों के पांच प्रतिनिधि और उद्योग संगठनों के तीन प्रतिनिधि भी शामिल किए गए हैं।
औद्योगिक इकाइयों को एक दिन के लिए बंद रखने का फैसला
समिति ने नोएडा पहुंचने के बाद स्थिति सामान्य करने के लिए एक अहम फैसला लिया। इसके तहत मंगलवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सभी औद्योगिक इकाइयों को बंद रखने का निर्णय किया गया, ताकि हालात पर नियंत्रण पाया जा सके।
वेतन बढ़ाने की मांग ने लिया उग्र रूप
बताया जा रहा है कि वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से असंतोष चल रहा था, जो सोमवार सुबह अचानक उग्र हो गया। सुबह करीब 9 बजे फेज-2 स्थित मदरसन कंपनी से शुरू हुआ प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक हो गया और करीब दो घंटे के भीतर शहर के कई औद्योगिक सेक्टरों में फैल गया।
प्रदर्शन के दौरान सेक्टर-58, 59, 62, 63 और 84 स्थित कई कंपनियों में तोड़फोड़ की गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कुछ जगहों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागे।
दोपहर बाद हालात हुए काबू में
दोपहर करीब 2 बजे के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी। इस दौरान कई जगहों पर आगजनी और सीसीटीवी कैमरों व कांच तोड़े जाने की घटनाएं भी सामने आईं। फिलहाल कंपनियों और औद्योगिक क्षेत्रों के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन हालात पर कड़ी निगरानी रखे हुए है।