उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित खैरनगर इलाके के रहने वाले मोहम्मद कैफ की मौत दिल्ली के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई। बताया जा रहा है कि कैफ कानों में हेडफोन लगाकर ऑनलाइन गेम खेल रहा था, इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के बावजूद शनिवार को उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
अचानक आया ब्रेन हैमरेज
परिजनों के अनुसार, कैफ दोनों कानों में हेडफोन लगाए हुए मोबाइल पर गेम खेल रहा था, तभी उसे अचानक तेज ब्रेन हैमरेज हुआ और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। पहले उसे मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया।
अस्पताल पहुंचते समय बेहद बढ़ा था बीपी
कैफ के पिता फारूक, जो पेशे से प्रॉपर्टी डीलर हैं, ने बताया कि बेटे को जब अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब उसका ब्लड प्रेशर बेहद ज्यादा था और 300 के पार पहुंच चुका था। डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक हाई बीपी के चलते दिमाग की नस फट गई, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
पहले से था हाई ब्लड प्रेशर का इतिहास
परिवार ने यह भी बताया कि मोहम्मद कैफ को करीब दस साल पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर की समस्या थी और उसका इलाज चल रहा था। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि जिस समय उसे अस्पताल लाया गया, उस वक्त बीपी असामान्य रूप से बढ़ा हुआ था, जिसने ब्रेन हैमरेज को जन्म दिया।
शनिवार को कैफ की मौत के बाद रविवार शाम ईदगाह कब्रिस्तान में उसे सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान परिवार और मोहल्ले में शोक का माहौल रहा।