मेरठ। कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं और कुछ युवकों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मामले में पुलिस ने 13 नामजद और करीब 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि फीस विवाद के बाद कुछ युवकों को चैंबर में बंधक बनाकर मारपीट की गई और बाद में परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला अधिवक्ता आमिर खान के चैंबर में हुई बातचीत के दौरान फीस को लेकर शुरू हुआ। सिखेड़ा गांव, परीक्षितगढ़ निवासी शेर खान की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि फखरुद्दीन उर्फ फकरू और उनके साथियों के बीच फीस को लेकर असहमति हुई थी। इसके बाद कुछ लोग चैंबर में मौजूद रहे, जबकि अन्य बाहर चले गए।
आरोप है कि कुछ समय बाद स्थिति अचानक बिगड़ गई और दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद झड़प शुरू हो गई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्हें चैंबर के भीतर बंद कर मारपीट की गई और भीड़ को बुलाकर हमला किया गया।
गंभीर हमले और चोटों के आरोप
एफआईआर के मुताबिक, आरोप है कि मारपीट के दौरान ईंटों और अन्य वस्तुओं से हमला किया गया, जिससे कई लोग घायल हो गए। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि हमले के दौरान जान से मारने जैसी धमकियां भी दी गईं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और पहचान के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस ने घायलों को मौके से निकालकर मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस केस में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें मारपीट, बंधक बनाना, धमकी देना और हत्या के प्रयास जैसी धाराएं शामिल हैं।
वकील पक्ष का दावा
वहीं दूसरी ओर, वकीलों की ओर से अलग पक्ष सामने आया है। उनके अनुसार, फखरुद्दीन उर्फ फकरू के मामले में अदालत से राहत न मिलने के बाद फीस वापसी को लेकर विवाद बढ़ा था। आरोप है कि कुछ लोग अवैध हथियार लेकर कचहरी पहुंचे और हंगामा शुरू किया, जिसके बाद अधिवक्ताओं ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
वकीलों का कहना है कि हंगामे के दौरान कुछ लोगों को काबू में लेकर पुलिस को सूचना दी गई थी। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी को थाने भेजा।
फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है और घटना से जुड़े वीडियो व गवाहों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।