मेरठ के दौराला क्षेत्र के अझौता गांव में एक नामी कंपनी के आलू भुजिया पैकेट में मरी हुई छिपकली मिलने का मामला सामने आया है। घटना के बाद उपभोक्ता और ग्रामीणों ने खाद्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।

बच्चों ने खाते समय देखा संदिग्ध वस्तु

गांव निवासी आदिल ने बताया कि वह स्थानीय दुकान से पांच रुपये का आलू भुजिया पैकेट बच्चों के लिए लेकर आया था। बच्चे जैसे ही नमकीन खा रहे थे, उसी दौरान पैकेट के अंदर मरी हुई छिपकली दिखाई दी, जिससे परिवार में हड़कंप मच गया और तुरंत बच्चों को खाना रोक दिया गया।

स्वास्थ्य को लेकर जताई चिंता

आदिल का कहना है कि यदि समय रहते यह चीज नजर नहीं आती, तो बच्चे इसे खा सकते थे, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो सकती थी। उन्होंने कंपनी और खाद्य सुरक्षा विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों में आक्रोश

घटना सामने आने के बाद गांव में लोगों के बीच नाराजगी फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि खाद्य उत्पादों की पैकिंग और गुणवत्ता की नियमित जांच बेहद जरूरी है, क्योंकि ऐसी लापरवाही सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है।

जांच की मांग तेज

स्थानीय लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग से संबंधित पैकेट की जांच कराने और कंपनी के उत्पादों की गुणवत्ता की विस्तृत पड़ताल करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।