उत्तर प्रदेश के मेरठ और आसपास के पश्चिमी जिलों में भीषण गर्मी और लू ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण ऐसा माहौल बन गया है मानो आसमान से आग बरस रही हो। बुधवार को दिन चढ़ते ही तापमान लगातार बढ़ता गया और दोपहर तक हालात इतने कठिन हो गए कि सड़कों और बाजारों में सन्नाटा छा गया। इस दौरान अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, 25 मई से नौतपा की शुरुआत होने के साथ ही गर्मी के और अधिक बढ़ने की संभावना है। हालांकि 29 मई के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से अस्थायी राहत मिल सकती है।
भीषण गर्मी के चलते लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है। दोपहर के समय लू के थपेड़ों से बचने के लिए लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकल रहे हैं, वे सिर और चेहरे को ढककर ही सफर कर रहे हैं। बाजारों में दोपहर के समय भीड़ काफी कम देखी जा रही है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम 26.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 263 दर्ज हुआ, जो खराब श्रेणी में आता है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि साफ आसमान, तेज पश्चिमी हवाएं और लगातार बढ़ती गर्मी मिलकर स्थिति को और गंभीर बना रहे हैं। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार, लू के चलते हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है, इसलिए लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
पिछले पांच दिनों के तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है—
16 मई: 39.6°C
17 मई: 41.3°C
18 मई: 42.4°C
19 मई: 43.6°C
20 मई: 44.0°C
लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी वीके सिंह ने 21 से 23 मई तक सभी बोर्डों के स्कूलों (प्री-प्राइमरी से कक्षा 10 तक) में अवकाश घोषित किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है।
सहारनपुर में भी तापमान ने 12 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जहां अधिकतम पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया। बागपत में 43, मुजफ्फरनगर और शामली में 42-42 तथा बिजनौर में 41 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि तेज गर्मी के दौरान बच्चों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने दें और पर्याप्त पानी व सावधानी का ध्यान रखें।