पंजाब में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई प्रभावित होने से लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। जालंधर सहित कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी देखने को मिल रही है, जबकि कुछ स्थानों पर स्टॉक पूरी तरह खत्म होने की स्थिति भी बन गई है।

इस गंभीर हालात को लेकर पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन पंजाब ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन के महासचिव मनजीत सिंह और जालंधर इकाई के प्रधान सुख मोहन सिंह ने आरोप लगाया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां समय पर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति नहीं कर रही हैं, जिससे पंप संचालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

डीलर्स का यह भी कहना है कि सामान्य ईंधन की सप्लाई से पहले कंपनियां उन्हें महंगा प्रीमियम फ्यूल खरीदने के लिए दबाव बना रही हैं। इससे न केवल पंप मालिकों की परेशानी बढ़ी है, बल्कि आम उपभोक्ताओं पर भी असर पड़ रहा है।

इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक Pargat Singh ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में ईंधन संकट जैसे गंभीर हालात बनने के बावजूद सरकार पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिसका सबसे अधिक असर किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग पर पड़ेगा।

वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री Ravneet Singh Bittu द्वारा जालंधर ब्लास्ट मामले में दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए परगट सिंह ने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं को संवेदनशील मामलों में जिम्मेदारी से बयान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब से जुड़े मुद्दों और जनता की समस्याएं ही उनकी प्राथमिकता हैं।