नोएडा में निजी कंपनियों के कर्मचारियों के हालिया उग्र प्रदर्शन के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले पर विस्तृत जानकारी दी। समिति ने आंदोलन के कारणों, फैली अफवाहों और सरकार की ओर से उठाए गए कदमों को स्पष्ट किया।
फर्जी खबरों से भड़का माहौल
समिति ने बताया कि वेतन वृद्धि को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक झूठी सूचना तेजी से फैल गई, जिसमें दावा किया गया कि केंद्र सरकार ने सभी कर्मचारियों के लिए 20,000 रुपये न्यूनतम वेतन तय किया है। अधिकारियों ने इस दावे को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया। समिति के अनुसार, इसी तरह की अफवाहों ने कर्मचारियों के बीच असंतोष को और बढ़ाया, जिसके चलते कुछ स्थानों पर हिंसक घटनाएं भी हुईं।
सरकार का पक्ष और बातचीत की प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव एमके शनमुगा सुंदरम ने कहा कि सरकार ने दोनों पक्षों—कर्मचारी और उद्योग प्रतिनिधियों—से विस्तार से बातचीत की है। उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे तक चली बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा कर संतुलित समाधान निकालने की कोशिश की गई।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हमेशा सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालना है और मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार समिति ने इसी दिशा में कार्य किया है।
जिला प्रशासन की जानकारी
नोएडा के जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बताया कि कर्मचारियों की वेतन वृद्धि की मुख्य मांग को स्वीकार कर लिया गया है। इसके साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं।
नए प्रावधानों के तहत मजदूरी हर महीने तय समय सीमा के भीतर सीधे खातों में भेजी जाएगी। इसके अलावा बोनस हर वर्ष नवंबर से पहले दिया जाएगा। ओवरटाइम और साप्ताहिक अवकाश के दिन काम करने पर दोगुनी मजदूरी का प्रावधान किया गया है।
महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी कार्यस्थलों पर आंतरिक शिकायत समितियां अनिवार्य की जाएंगी, जिनकी अध्यक्षता महिलाएं करेंगी। साथ ही शिकायत पेटियों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
शांति बनाए रखने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की हिंसा से बचें और शांति व्यवस्था बनाए रखें। शिकायतों के समाधान के लिए कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, जहां कर्मचारी अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि सभी शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।