सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अनोखा वीडियो तेजी से चर्चा में है, जिसमें एक एडेली पेंगुइन अंटार्कटिका की बर्फीली धरती पर अकेले दौड़ता नजर आ रहा है। चारों ओर दूर-दूर तक बर्फ के सिवा कुछ नहीं है और उसके आसपास उसका कोई साथी दिखाई नहीं देता। इसी वजह से लोग इसे मज़ाकिया तौर पर ‘निहिलिस्ट पेंगुइन का डेथ मार्च’ कह रहे हैं।
आमतौर पर पेंगुइन झुंड में रहना पसंद करते हैं और सामूहिक रूप से ही सफर करते हैं। ऐसे में एक पेंगुइन को अकेले भटकते देखना लोगों के लिए हैरानी और भावनात्मक प्रतिक्रिया का कारण बन गया है। यूजर्स इस वीडियो को जीवन, अकेलेपन और संघर्ष से जोड़कर अलग-अलग अर्थ निकाल रहे हैं।
कहां से आया यह वीडियो?
दरअसल, यह क्लिप कोई नया फुटेज नहीं है, बल्कि प्रसिद्ध फिल्मकार वर्नर हर्ज़ोग की 2007 में बनी डॉक्यूमेंट्री ‘Encounters at the End of the World’ से लिया गया दृश्य है। पुराने दृश्य को नए संदर्भ में साझा किए जाने के बाद यह इंटरनेट पर फिर से वायरल हो गया है।
अब इस पेंगुइन पर मीम्स की बाढ़ आ गई है। हाल ही में व्हाइट हाउस ने एक फोटो साझा की, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पेंगुइन का हाथ पकड़े ग्रीनलैंड की ओर जाते दिखाया गया, जबकि पेंगुइन के हाथ में अमेरिका का झंडा था। यह तस्वीर भी तेजी से वायरल हो गई।
वैज्ञानिकों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि वीडियो में दिखाई गई स्थिति को पूरी तरह प्रतीकात्मक या भावनात्मक अर्थों से जोड़ना सही नहीं है। पेंगुइन सामान्यतः अपने समूह के साथ ही रहती हैं, लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में वे अलग भी हो सकती हैं, जैसे—
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युवा होने या अनुभव की कमी से रास्ता भटक जाना
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बीमारी या चोट के कारण झुंड के साथ न चल पाना
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प्रजनन काल के बाद नए क्षेत्र की तलाश में निकल पड़ना
वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस तरह का व्यवहार दुर्लभ जरूर है, लेकिन असंभव नहीं। सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो प्रकृति के एक अलग और रहस्यमय पहलू को दिखाता है, जिसे लोग अपनी-अपनी नजर से देख रहे हैं।