डीजीसीए ने चार धामयात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं को मंजूरी दी

देहरादून। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने गहन समीक्षा और सुरक्षा आकलन के बाद चारधाम यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर सेवाओं को दोबारा अनुमति दे दी है। 15-16 सितंबर 2025 से शुरू हो चुकी सेवाओं में इस बार यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ दिल्ली और देहरादून में कई दौर की बैठकें कर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होगी और DGCA तथा UCADA की टीमें लगातार निगरानी करेंगी।
मई-जून की दुर्घटनाओं के बाद कड़े कदम
चारधाम क्षेत्र में मई-जून 2025 में हुई हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं के बाद DGCA ने विशेष जांच अभियान चलाया। सभी हेलीपैड, ऑपरेटर और विमानों का ऑडिट किया गया। इसके आधार पर कई नए प्रावधान लागू किए गए हैं—
- पायलट प्रशिक्षण: ऊंचाई और खराब मौसम में उड़ान की विशेष ट्रेनिंग, रूट चेक और बार-बार रिफ्रेशर कोर्स।
- तकनीकी निरीक्षण: हेलिकॉप्टरों की अनिवार्य मेंटेनेंस और अतिरिक्त जांच।
- ऑपरेशनल नियम: तय वजन सीमा, आधुनिक नेविगेशन और कम्युनिकेशन सिस्टम का अनिवार्य उपयोग।
- मौसम निगरानी: रियल-टाइम अपडेट और मौसम विशेषज्ञों की तैनाती।
- यात्री सुरक्षा: बोर्डिंग से पहले सुरक्षा ब्रीफिंग, सीट बेल्ट का अनिवार्य प्रयोग और हेलिपैड पर अतिरिक्त स्टाफ।
दो तरह की सेवाएं
यात्रियों के लिए दो श्रेणियों में सेवाएं उपलब्ध होंगी। देहरादून (सहस्रधारा) से यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ तक चार्टर सेवाएं और गुप्तकाशी, फाटा व सीतापुर से केदारनाथ के लिए शटल सेवाएं। इस बार कुल 13 ऑपरेटर (6 शटल और 7 चार्टर) यात्रा संचालन में शामिल होंगे।
सरकार का मानना है कि नए नियमों और कड़े निरीक्षण से श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा अनुभव मिलेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों और पायलटों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और इस बार निगरानी पहले से कहीं अधिक सख्त होगी।
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