चारधाम यात्रा से लौटते समय खाई में गिरी इनोवा कार, चार की मौत; तीन लापता

उत्तराखंड के ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। पंतगांव स्थित सैनिक होटल के पास चारधाम यात्रा से लौट रहा एक वाहन अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिरते हुए सीधे गंगा नदी में समा गया। हादसे में राजस्थान के दो परिवारों के लोग सवार थे।
एक बच्चे को बचाया गया, कई की तलाश जारी
सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। राहत दल ने 12 वर्षीय बच्चे आयुष्मान को गंभीर हालत में खाई से निकालकर श्रीनगर बेस अस्पताल भेजा, जहां उसका इलाज जारी है।
अब तक रेस्क्यू के दौरान दो पुरुष और दो महिलाओं के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि तीन महिलाएं अभी भी लापता हैं।
ढलान से गंगा में समा गई इनोवा
थाना प्रभारी देवप्रयाग प्रशांत बहुगुणा के अनुसार, हादसा मंगलवार सुबह करीब 10 बजे हुआ जब बदरीनाथ धाम से लौट रही एक इनोवा कार देवप्रयाग से लगभग 5 किलोमीटर आगे मिट्टी के ढेर को पार करते समय फिसल गई। इसके बाद वाहन लगभग 200 मीटर गहरी ढलान से लुढ़कते हुए गंगा नदी में जा गिरा।
हादसे की सूचना पर स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया गया।
राजस्थान के दो परिवार थे सवार
देवप्रयाग तहसील प्रशासन के अनुसार वाहन में राजस्थान के जैसलमेर निवासी दो परिवार यात्रा कर रहे थे। इनमें गुड्डी, अषलेशा, नम्रता, आयुष्मान, जाह्नवी, डॉ. दिनेश पंवार, उनकी पत्नी कमला और चालक अमित गुप्ता शामिल थे।
प्रशासन ने परिजनों से संपर्क कर पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वाहन उत्तराखंड नंबर का बताया जा रहा है, जबकि चालक से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
घायल बच्चे की हालत गंभीर, आईसीयू में भर्ती
हादसे में जीवित बचे बच्चे आयुष्मान की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे श्रीनगर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज के बेस अस्पताल में आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। सीटी स्कैन में उसके दाहिने पैर की जांघ की हड्डी में फ्रैक्चर पाया गया है, जिसके बाद डॉक्टरों की विशेष टीम उसकी निगरानी कर रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम गंगा नदी में लगातार तलाशी अभियान चला रही है ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके। प्रशासन ने हादसे को गंभीर मानते हुए पूरे क्षेत्र में निगरानी और राहत कार्य तेज कर दिए हैं।
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