H-1B वीज़ा: यूएस में भारतीय दूतावास ने जारी किया आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को बड़ा कदम उठाते हुए H-1B वीज़ा आवेदन की फीस को बढ़ाकर 1 लाख डॉलर (करीब 88 लाख रुपये) कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि यह शुल्क अब केवल नए आवेदनों पर लागू होगा। मौजूदा वीज़ा धारकों और उनके नवीनीकरण पर इसका असर नहीं पड़ेगा।
भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी
नई व्यवस्था से सबसे अधिक असर भारतीय पेशेवरों पर पड़ने की आशंका है। इसी को देखते हुए वॉशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किया है। दूतावास ने सलाह दी है कि ज़रूरत पड़ने पर भारतीय नागरिक +1-202-550-9931 पर कॉल या व्हाट्सएप के ज़रिये मदद ले सकते हैं। हालांकि, यह नंबर केवल आपातकालीन स्थितियों के लिए है, सामान्य सेवाओं के लिए नहीं।
व्हाइट हाउस ने दी सफाई
फीस बढ़ोतरी की खबरों के बीच व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि यह शुल्क वार्षिक नहीं बल्कि एकमुश्त (one-time) है और केवल नए H-1B आवेदन पर लागू होगा। प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने बताया कि मौजूदा वीज़ा धारकों की अमेरिका में एंट्री या री-एंट्री पर कोई असर नहीं पड़ेगा। नया नियम आगामी H-1B लॉटरी चक्र से लागू होगा।
क्यों बढ़ाई गई फीस?
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि H-1B वीज़ा का लगातार दुरुपयोग हो रहा है। 2000 से 2019 के बीच अमेरिका में STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) से जुड़ी नौकरियां 44.5% बढ़ीं, लेकिन इन्हीं पदों पर विदेशी पेशेवरों की संख्या 100% से अधिक बढ़ गई। सरकार का आरोप है कि आईटी कंपनियां अमेरिकी कर्मचारियों के बजाय सस्ते विदेशी वर्कर्स को तवज्जो देती हैं।
भारतीयों पर सबसे ज्यादा असर
अमेरिका में H-1B वीज़ा पर काम करने वालों में भारतीयों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। 2020 से 2023 के बीच स्वीकृत H-1B वीज़ा में लगभग 74% भारतीयों को मिले। चीन (16%) और कनाडा (3%) इस सूची में अगले स्थानों पर रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल 3.5 से 4 लाख भारतीय H-1B वीज़ा पर अमेरिका में काम कर रहे हैं, जो कुल धारकों का करीब 71% है।
भारत की अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा असर
भारतीय पेशेवरों की अमेरिका में कुल वार्षिक कमाई 35 से 40 अरब डॉलर आंकी जाती है, जो भारत की जीडीपी का लगभग 1 से 1.2% हिस्सा बनती है। विशेषज्ञों का मानना है कि फीस में अचानक हुई इस बढ़ोतरी से न केवल भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स की नौकरियां प्रभावित होंगी, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था पर भी परोक्ष असर पड़ सकता है।
कब से लागू होगा नियम?
ट्रंप का यह आदेश 21 सितंबर की आधी रात से प्रभावी होगा। ऐलान के बाद से ही कंपनियों और पेशेवरों में बेचैनी है। इमीग्रेशन लॉयर्स ने वीज़ा धारकों और उनके परिजनों को सलाह दी है कि अगर वे अमेरिका से बाहर हैं तो जल्द से जल्द वापस लौटें, अन्यथा उन्हें एंट्री में मुश्किल हो सकती है।
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