'पूरी तरह बेबुनियाद', भारत ने खारिज किया यूक्रेन युद्ध पर नाटो चीफ का दावा

नई दिल्ली: शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने साप्ताहिक ब्रीफिंग में कई अहम अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया। मंत्रालय ने नाटो महासचिव मार्क रुटे के उस बयान को खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्कों के चलते भारत ने रूस से यूक्रेन युद्ध की रणनीति स्पष्ट करने को कहा। विदेश मंत्रालय ने इसे “तथ्यहीन और पूरी तरह आधारहीन” बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी ऐसी बातचीत नहीं की। मंत्रालय ने नाटो प्रमुख को भविष्य में ऐसे बयान देने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी।
रूसी ऊर्जा आयात और यूरोपीय संघ
विदेश मंत्रालय ने यूरोपीय संघ की भारत से रूसी ऊर्जा आयात घटाने की अपील पर दोहरे मानकों पर सवाल उठाए। मंत्रालय ने कहा कि भारत की ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित और आवश्यकताओं के आधार पर होती है, और अन्य देशों को भी रूस से ऊर्जा आयात रोकना चाहिए।
क्वाड और वैश्विक सहयोग
क्वाड पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्रालय ने इसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और विकास के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया। यह सम्मेलन परामर्श और सहयोग पर आधारित है और क्षेत्रीय सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है।
H-1B वीजा और कुशल प्रतिभा
विदेश मंत्रालय ने अमेरिका द्वारा H-1B वीजा शुल्क बढ़ाने और नए नियम लाने पर चिंता व्यक्त की। मंत्रालय ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों के तकनीकी विकास और नवाचार में कुशल प्रतिभाओं का आदान-प्रदान अहम भूमिका निभाता है और इस मुद्दे पर भारत लगातार अमेरिकी प्रशासन और उद्योग से संपर्क में है।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और रूस
विदेश मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान में 27 भारतीय नागरिक रूसी सेना में सेवा कर रहे हैं। मंत्रालय ने नागरिकों को चेतावनी दी कि ऐसे प्रस्ताव खतरनाक और जानलेवा हो सकते हैं।
क्षेत्रीय राजनीति और पड़ोसी देशों के संबंध
मंत्रालय ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत यात्रा पर स्पष्ट रुख अपनाया और कहा कि भारत का रुख हमेशा से स्पष्ट रहा है। नेपाल और अन्य पड़ोसियों के संदर्भ में भारत ने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण संक्रमण की अपेक्षा दोहराई।
कश्मीर और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
तुर्की के राष्ट्रपति द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में उठाए गए कश्मीर मुद्दे पर विदेश मंत्रालय ने सख्त प्रतिक्रिया दी। मंत्रालय ने कहा कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है और भारत का रुख स्पष्ट है। साथ ही, साइप्रस के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान उत्तर साइप्रस मुद्दे पर यूएनएससी प्रस्तावों के अनुरूप समाधान की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
अफगानिस्तान और सार्क
विदेश मंत्रालय ने अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस पर अमेरिका की रुचि और सार्क पर आतंकवाद की बाधाओं पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। मंत्रालय ने कहा कि एक देश आतंकवाद के कारण इस मंच को प्रभावित कर रहा है।
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