भारत के DNA में है इनोवेशन, तकनीक मानवता के लिए होनी चाहिए: फ्रांस में बोले पीएम मोदी

नीस (फ्रांस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के नीस शहर में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वैश्विक मंच से भारत की नवाचार क्षमता और तकनीकी प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इनोवेशन भारत के स्वभाव और डीएनए में शामिल है, और गणित, खगोल विज्ञान, चिकित्सा तथा योग के माध्यम से भारत सदियों से मानवता के विकास में योगदान देता आया है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज जब दुनिया पर्यावरणीय संकट और भू-राजनीतिक तनावों से गुजर रही है, ऐसे समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और अंतरिक्ष तकनीक जैसी आधुनिक तकनीकें भविष्य की दिशा तय करेंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की प्राथमिकता ऐसी तकनीक विकसित करना है जो ‘मानवता के लिए तकनीक’ के सिद्धांत पर आधारित हो और सभी के हित में काम करे।
ग्रामीण विकास में तकनीक की भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई और सैटेलाइट तकनीक के उपयोग से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई गति मिल सकती है। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन, बैटरी टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को स्वच्छ और सतत विकास का आधार बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि स्टार्टअप्स का मूल्यांकन केवल उनके बाजार मूल्य से नहीं, बल्कि समाज और मानव जीवन पर उनके प्रभाव से होना चाहिए। पीएम मोदी ने वैश्विक निवेशकों को भारत के साथ मिलकर सुरक्षित, भरोसेमंद और समावेशी तकनीक विकसित करने का आह्वान किया।
भारत-फ्रांस सहयोग पर जोर
कार्यक्रम में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी भारत की सराहना की और ‘मेक इन इंडिया’ पहल की प्रशंसा की। दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत आज वैश्विक इनोवेशन का प्रमुख केंद्र बन चुका है और फ्रांस, भारत के साथ अपने रणनीतिक सहयोग को और मजबूत कर रहा है। उन्होंने रक्षा, तकनीक और औद्योगिक क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया।
परमाणु ऊर्जा सहयोग की नई संभावनाएं
मैक्रों ने नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग को और विस्तार देने की बात कही। उन्होंने विशेष रूप से स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) तकनीक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भविष्य में स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
क्या है ‘भारत इनोवेट्स 2026’
यह भारत सरकार की एक प्रमुख वैश्विक पहल है, जिसका उद्देश्य डीप-टेक स्टार्टअप्स और अनुसंधान आधारित नवाचारों को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करना है।
नीस में आयोजित इस कार्यक्रम में भारत और फ्रांस के स्टार्टअप्स के साथ-साथ विभिन्न देशों के निवेशक शामिल हुए हैं। यहां 120 से अधिक भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स और 20 से ज्यादा संस्थान भाग ले रहे हैं, जबकि 350 से अधिक वैश्विक निवेशक और वेंचर कैपिटलिस्ट भी मौजूद हैं।
यह आयोजन भारत को वैश्विक इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पीएम मोदी का विदेश दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय फ्रांस दौरे पर हैं। नीस पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस यात्रा के दौरान वे राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और जी-7 शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। इसके बाद उनका दो दिवसीय स्लोवाकिया दौरा प्रस्तावित है।
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