जयशंकर से मुलाकात के बाद बदले नेपाल के सुर, कहा- सहयोग से बढ़ेगा विकास

HIGHLIGHTS
- नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने भारत-नेपाल संबंधों को लेकर सकारात्मक संकेत देते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच मौजूद किसी भी मुद्दे को संवाद और कूटनीतिक बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है।
- दिल्ली दौरे पर आए खनल ने विश्वास जताया कि वर्ष 2026 द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।
- उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल केवल पड़ोसी देश नहीं हैं, बल्कि दोनों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्तों की मजबूत नींव है।
- ऐसे में सीमा, व्यापार, ऊर्जा या संपर्…
नई दिल्ली। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने भारत-नेपाल संबंधों को लेकर सकारात्मक संकेत देते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच मौजूद किसी भी मुद्दे को संवाद और कूटनीतिक बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है। दिल्ली दौरे पर आए खनल ने विश्वास जताया कि वर्ष 2026 द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल केवल पड़ोसी देश नहीं हैं, बल्कि दोनों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्तों की मजबूत नींव है। ऐसे में सीमा, व्यापार, ऊर्जा या संपर्क से जुड़े मुद्दों को टकराव के बजाय सहयोग के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।
जयशंकर से हुई कई अहम मुद्दों पर चर्चा
नेपाल के विदेश मंत्री ने बताया कि उनकी भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ विस्तृत बातचीत हुई, जिसमें सीमा पार संपर्क, ऊर्जा सहयोग, जल संसाधनों के उपयोग, व्यापारिक संबंधों और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि साझा सीमाएं विकास और सहयोग का माध्यम बननी चाहिए।
खनल के अनुसार, भारत और नेपाल के रिश्तों को भावनात्मक प्रतिक्रियाओं के बजाय आपसी सम्मान, व्यावहारिक सोच और ठोस तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाने की जरूरत है।
सीमा विवाद पर भी बातचीत से समाधान का भरोसा
सीमा संबंधी लंबित मुद्दों पर पूछे गए सवाल के जवाब में खनल ने कहा कि कुछ विवाद पुराने हैं, लेकिन नेपाल उनका समाधान शांतिपूर्ण तरीके और स्थापित कूटनीतिक प्रक्रियाओं के माध्यम से चाहता है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों की तकनीकी टीमें सीमावर्ती क्षेत्रों में समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता का पक्षधर नहीं है और दोनों देशों के बीच मौजूद तंत्रों को सक्रिय कर विवादों का समाधान निकाला जा सकता है।
भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना
नेपाल के विदेश मंत्री ने भारत को दुनिया की तेजी से उभरती आर्थिक और तकनीकी शक्तियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि नेपाल भी इस विकास यात्रा का सहभागी बनना चाहता है। उनके अनुसार, नेपाल की प्राथमिकता आर्थिक परिवर्तन और विकास परियोजनाओं को जमीन पर उतारना है।
खनल ने कहा कि दोनों देशों को अतीत के मतभेदों से आगे बढ़कर भविष्य की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सहयोग के नए अवसर दोनों देशों को और करीब लाएंगे।
चीन और अमेरिका पर भी रखी नेपाल की राय
भारत-चीन-नेपाल से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दों पर खनल ने कहा कि नेपाल ने अपनी स्थिति दोनों देशों के समक्ष स्पष्ट कर दी है। उन्होंने दोहराया कि संबंधित क्षेत्र पर नेपाल अपना ऐतिहासिक दावा रखता है, लेकिन समाधान का रास्ता केवल बातचीत से ही निकलेगा।
वहीं अमेरिका से जुड़े व्यापारिक और टैरिफ मुद्दों पर उन्होंने कहा कि नेपाल लगातार अमेरिकी प्रशासन के संपर्क में है और विभिन्न स्तरों पर संवाद जारी है। उनका कहना था कि नेपाल सभी प्रमुख देशों के साथ संतुलित और व्यावहारिक संबंध बनाए रखने की नीति पर काम कर रहा है।
रिश्तों में नई शुरुआत की उम्मीद
शिशिर खनल ने बताया कि उनके दिल्ली दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद को गति देना था। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से शीर्ष स्तर की यात्राएं सीमित रही थीं, ऐसे में यह दौरा संबंधों में नई ऊर्जा भरने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, विदेश मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठकों में कई महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई है। खनल ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और नेपाल के संबंध सहयोग, विश्वास और साझा विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे।
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