JEE Main 2026 में कोटा का दबदबा, कबीर छिल्लर बने ऑल इंडिया टॉपर

HIGHLIGHTS
- देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Main 2026 के नतीजे जारी हो गए हैं और इस बार भी राजस्थान का कोटा शहर अपनी परंपरागत सफलता के साथ सुर्खियों में है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा घोषित परिणामों में कोटा के छात्रों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है, जहां टॉप-10 रैंक में से चार स्थान इसी शहर के विद्यार्थियों ने हासिल किए हैं। इस परीक्षा में सबसे बड़ा नाम रहा कबीर छिल्लर का, जिन्होंने 300 में से 300 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR-
- हासिल किया है। देशभर से 26 छात्रो…
देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Main 2026 के नतीजे जारी हो गए हैं और इस बार भी राजस्थान का कोटा शहर अपनी परंपरागत सफलता के साथ सुर्खियों में है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा घोषित परिणामों में कोटा के छात्रों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है, जहां टॉप-10 रैंक में से चार स्थान इसी शहर के विद्यार्थियों ने हासिल किए हैं।
इस परीक्षा में सबसे बड़ा नाम रहा कबीर छिल्लर का, जिन्होंने 300 में से 300 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR-1) हासिल किया है।
देशभर से 26 छात्रों ने किया 100 पर्सेंटाइल स्कोर
इस साल JEE Main में लगभग 11.23 लाख उम्मीदवारों ने भाग लिया था। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच देश के कुल 26 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल का परफेक्ट स्कोर हासिल किया है। खास बात यह रही कि ये सभी टॉप स्कोरर छात्र पुरुष हैं और इस सूची में किसी भी छात्रा को जगह नहीं मिल सकी।
कोटा के छात्रों का शानदार प्रदर्शन
कोटा के छात्रों ने इस बार भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। टॉप-10 में शहर के कुल चार विद्यार्थी शामिल हैं, जिनमें 5वीं, 6वीं और 8वीं रैंक पर भी कोटा के छात्र रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया है कि इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए कोटा देश का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
कबीर छिल्लर की सफलता की कहानी
कबीर छिल्लर के पिता मोहित छिल्लर आईआईटीयन हैं और वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां प्रियंका छिल्लर एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। कबीर पहले भी 10वीं कक्षा में 98 प्रतिशत अंक हासिल कर चुके हैं।
कबीर का कहना है कि उनकी सफलता में शिक्षकों का मार्गदर्शन और लगातार आत्म-अध्ययन सबसे बड़ी भूमिका में रहा। उन्होंने हर टेस्ट के बाद अपनी कमियों का विश्लेषण किया और उन्हें सुधारने पर फोकस किया।
मॉक टेस्ट और रणनीतिक तैयारी बनी ताकत
कबीर ने अपनी तैयारी में नियमित मॉक टेस्ट, गहन विश्लेषण और कॉन्सेप्ट की स्पष्टता पर जोर दिया। उन्होंने रटने की बजाय विषयों को समझने पर ध्यान दिया और उन्हें परीक्षा में लागू करने की रणनीति अपनाई।
उन्होंने अपनी पढ़ाई को छोटे-छोटे लक्ष्यों में बांटा, शॉर्ट नोट्स बनाए और लगातार रिवीजन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया।
आगे का लक्ष्य IIT मुंबई और MIT
कबीर छिल्लर का लक्ष्य IIT मुंबई से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना है। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थान मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में दाखिला लेना चाहते हैं।
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