KSCA सचिव संतोष मेनन अयोग्य घोषित, BCCI ओम्बड्समैन का बड़ा फैसला

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के ओम्बड्समैन, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के सचिव संतोष मेनन को पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। अपने आदेश में उन्होंने स्पष्ट किया कि मेनन केएससीए में निर्धारित अधिकतम नौ वर्ष की कार्यकाल सीमा पूरी कर चुके हैं, जिसके चलते वह अब सचिव पद पर बने रहने के पात्र नहीं हैं।
यह फैसला संस्थागत सदस्य ‘डॉल्फिन क्रिकेटर्स’ द्वारा दायर शिकायत पर सुनवाई के बाद सुनाया गया। न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि संतोष मेनन का सचिव पद पर कार्यकाल 16 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका था और इसके बाद भी उनका पद पर बने रहना नियमों का उल्लंघन है। आदेश में सचिव पद को तत्काल प्रभाव से रिक्त घोषित कर दिया गया है।
नौ साल की सीमा पार करने पर अयोग्यता
ओम्बड्समैन ने अपने फैसले में कहा कि मेनन ने केएससीए में विभिन्न पदों पर कुल मिलाकर नौ वर्षों का कार्यकाल पूरा कर लिया है। केएससीए संविधान की धारा 6बी(3)(जी) के अनुसार इतनी अवधि पूरी होने पर कोई भी व्यक्ति पदाधिकारी बने रहने के योग्य नहीं रहता।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि अलग-अलग पदों पर बिताया गया समय अलग-अलग नहीं गिना जाएगा, बल्कि सभी कार्यकाल को जोड़कर कुल अवधि के रूप में देखा जाएगा। इसी तरह का प्रावधान बीसीसीआई संविधान में भी लागू है, जिसमें अधिकतम कार्यकाल सीमा नौ वर्ष निर्धारित है।
केएससीए की दलील खारिज
सुनवाई के दौरान केएससीए की ओर से संविधान के नियम 41 का हवाला दिया गया, जो पदाधिकारियों के कार्यकाल से जुड़ा है। हालांकि ओम्बड्समैन ने इसे इस मामले में लागू नहीं माना और दलील को अस्वीकार कर दिया।
उन्होंने निर्देश दिया कि केएससीए और बीसीसीआई इस आदेश के अनुसार आगे आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
2025 में दोबारा चुने गए थे सचिव
गौरतलब है कि 7 दिसंबर 2025 को हुए चुनाव में पूर्व भारतीय क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद के नेतृत्व वाले पैनल ने जीत दर्ज की थी। उसी चुनाव में संतोष मेनन ने ईएस जयराम को 675-632 मतों से हराकर सचिव पद हासिल किया था।
मेनन पहली बार 2019 में तीन साल के कार्यकाल के लिए सचिव बने थे। बाद में विभिन्न पदों पर उनकी कुल सेवा अवधि को जोड़ते हुए इसे नौ वर्ष माना गया, जिसके आधार पर यह अयोग्यता का फैसला दिया गया।
‘पद पर बने रहना नियमों के खिलाफ’
न्यायमूर्ति मिश्रा ने अपने आदेश में कहा कि संतोष मेनन 16 दिसंबर 2025 के बाद सचिव पद पर बने रहने के लिए अयोग्य हो चुके हैं और उनका पद पर बने रहना नियमों के विरुद्ध है।
उन्होंने कहा, “मेनन ने केएससीए संविधान के तहत निर्धारित अधिकतम नौ वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है, इसलिए वह सचिव पद पर बने रहने के पात्र नहीं हैं।”
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