चंडीगढ़ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, मुख्य शूटर समेत तीन गिरफ्तार

चंडीगढ़। सेक्टर-11 स्थित कुमार मेडिकोस में 13 जून को हुई गोलीबारी और कैशियर जानकी दास की हत्या के मामले में पुलिस जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) में क्राइम ब्रांच सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है।
जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपी कजहेड़ी (खुड्डा-जस्सू क्षेत्र) में रुके थे और बाद में सेक्टर-11 पहुंचे, जहां उन्होंने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया।
पुलिस ने इस मामले में जम्मू से सन्नी मेहरा (22), आर्यन शर्मा (21) और अमित को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार हमलावरों का निशाना कुमार ब्रदर्स थे, लेकिन फायरिंग के दौरान गोली लगने से कुमार मेडिकोस के कैशियर जानकी दास की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि मुख्य शूटर सन्नी मेहरा था।
गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश, पुलिस फायरिंग में घायल
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को जम्मू से चंडीगढ़ लाया जा रहा था। इसी दौरान धनास रोड के पास पंजाब यूनिवर्सिटी क्षेत्र के जंगलों के नजदीक पुलिस वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे चालक घायल हो गया।
पुलिस के अनुसार हादसे के बाद सन्नी और आर्यन ने मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की और कथित तौर पर पुलिस का हथियार छीनकर दो राउंड फायरिंग भी की। जवाब में पुलिस ने चार राउंड फायर किए, जिसमें दोनों के पैरों में गोली लगी। बाद में दोनों को पकड़कर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि तीसरा आरोपी अमित पहले ही पुलिस हिरासत में था।
गैंग नेटवर्क और मददगारों की तलाश जारी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन उनका संपर्क आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों से था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उन्हें हथियार किसने उपलब्ध कराए, शहर में ठहरने की व्यवस्था किसने की और वारदात से पहले रेकी में कौन शामिल था।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि क्या इस हत्याकांड के पीछे कोई संगठित गैंग नेटवर्क सक्रिय था, जिसने आरोपियों को लॉजिस्टिक और वित्तीय सहायता दी।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू
इस घटना के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने शहर के संवेदनशील बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नई सुरक्षा योजना बनाई जा रही है, जिसमें सीसीटीवी नेटवर्क बढ़ाने, पुलिस गश्त तेज करने और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात करने जैसे कदम शामिल होंगे।
कजहेड़ी में ठहराव को लेकर जांच तेज
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने वारदात से पहले कजहेड़ी इलाके में समय बिताया था। इसके बाद पुलिस ने वहां के हॉस्टल, पीजी और किराये के ठिकानों की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क का भी खुलासा होने की संभावना है।
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