पप्पू यादव का बड़ा बयान– मुख्यमंत्री उम्मीदवार की घोषणा में देरी से बिगड़ा महागठबंधन का गणित

बिहार के सियासी परिदृश्य में एक बार फिर स्वतंत्र सांसद पप्पू यादव ने बड़ा बयान देकर हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा में देरी से नुकसान हुआ है। पप्पू यादव का दावा है कि अगर यह फैसला समय रहते ले लिया गया होता, तो नतीजे कहीं अधिक सकारात्मक होते।
उन्होंने कहा कि सीमांचल क्षेत्र में अब भी बुनियादी विकास कार्य अधूरे हैं। एम्स की स्थापना, मखाना और मक्का की प्रोसेसिंग फैक्ट्री, डेयरी उत्पादक इकाई, हाईकोर्ट बेंच और रेलवे प्रोजेक्ट जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य लंबित हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली सरकार को नई सोच के साथ काम करना होगा ताकि बिहार की जनता की उम्मीदों पर खरी उतरे।
सीमांचल में कांग्रेस को मजबूत बताया
पप्पू यादव ने कहा कि इस बार सीमांचल क्षेत्र कांग्रेस और राहुल गांधी के साथ खड़ा है। यहां के लोगों में 16 साल की उपेक्षा को लेकर नाराजगी है। उन्होंने कहा, “हमारे क्षेत्र को न विशेष राज्य का दर्जा मिला, न पैकेज। न कोई यूनिवर्सिटी बनी, न मेट्रो, न स्मार्ट सिटी। फैक्ट्रियां बंद हैं और बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।”
राहुल गांधी की सक्रियता पर बोले सांसद
चुनाव प्रचार में राहुल गांधी की सीमित मौजूदगी पर पप्पू यादव ने कहा कि राहुल गांधी लगातार 17 दिन बिहार में रहे, यात्राएं कीं और जनता के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नफरत के खिलाफ और विकास के लिए लड़ रहे हैं।
एनडीए में मतभेद का दावा
पप्पू यादव ने एनडीए में भी अंदरूनी कलह का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “घोषणा के बाद हनुमान-राम विवाद और नेताओं के बीच बयानबाजी से साफ है कि गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं है।”
‘सीएम चेहरा पहले घोषित होता तो जीतते 160 सीटें’
पप्पू यादव ने कहा कि अगर महागठबंधन ने मुख्यमंत्री उम्मीदवार का चेहरा पहले घोषित किया होता, तो गठबंधन 160 सीटें जीत सकता था। उन्होंने सुझाव दिया कि उपमुख्यमंत्री पद के लिए किसी अल्पसंख्यक, पिछड़े या अति पिछड़े वर्ग से चेहरा सामने लाया जाना चाहिए।
कांग्रेस हाईजैक के आरोप पर सफाई
कांग्रेस को हाईजैक करने के सवाल पर पप्पू यादव ने कहा, “कांग्रेस अनुशासित पार्टी है, जिसे कोई हाइजैक नहीं कर सकता। मैं सिर्फ एक फ्रेंडली फाइट चाहता था, आदेश नहीं मिला, इसलिए एक भी सीट नहीं मिली।”
‘मैं अभी भी राजनीति सीख रहा हूं’
उन्होंने कहा कि राजनीति में धैर्य जरूरी है। “मैंने संघर्षों से राजनीति सीखी है। बिहार की जनता ने अभी तक अपने बेटे को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है, लेकिन मैं सेवा की भावना से राजनीति करता रहूंगा,” उन्होंने कहा।
इनकम टैक्स नोटिस को बताया ‘गंदा खेल’
आयकर विभाग से मिले नोटिस पर उन्होंने कहा, “अगर मैं गरीबों की मदद के लिए पैसे खर्च करता हूं तो इसमें अपराध क्या है? सरकार यह सब केवल डराने के लिए कर रही है।”
तेजस्वी यादव से रिश्तों पर बोले
तेजस्वी यादव से दूरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि “लालू परिवार से मेरे संबंध बने हुए हैं। राजनीति मेरे लिए सेवा है, न कि व्यक्तिगत विरोध।”
घुसपैठ के आरोपों को किया खारिज
एसआईआर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सीमांचल में किसी तरह की घुसपैठ नहीं है। “मैंने चैलेंज किया है कि जहां भी एक भी रोहिंग्या मिला हो, दिखाया जाए,” उन्होंने कहा।
एनडीए और प्रशांत किशोर पर निशाना
उन्होंने कहा कि एनडीए अभी तक सीएम उम्मीदवार तय नहीं कर सका है। प्रशांत किशोर पर हमला बोलते हुए कहा कि “वह बिहार के नहीं, बल्कि ब्लैकमेलर हैं। उनकी फंडिंग की जांच होनी चाहिए।”
अंत में पप्पू यादव ने कहा कि पिछली बार असदुद्दीन ओवैसी की गलत नीतियों की वजह से बिहार में महागठबंधन की सरकार नहीं बन पाई थी। “देश की एकता और सुरक्षा आज भी सिर्फ राहुल गांधी और कांग्रेस के हाथों में है,” उन्होंने कहा।
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