मुजफ्फरनगर: मेनका गांधी के बयान के विरोध में जैन समाज का प्रदर्शन, माफी की मांग

HIGHLIGHTS
- मेनका गांधी के कथित बयान के विरोध में मुजफ्फरनगर में जैन समाज ने प्रदर्शन कर आपत्ति जताई।
- समाज ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
- जैन समाज ने माफी की मांग के साथ तीर्थ स्थलों की सुरक्षा, संतों की सुरक्षा और कल्याण बोर्ड गठन जैसी मांगें उठाईं।
मुजफ्फरनगर: पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के एक कथित बयान को लेकर मंगलवार शाम जैन समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दिगंबर जैन संतों की पवित्र मयूर पिच्छी को लेकर की गई टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला बताया।

जैन एकता मंच (युवा शाखा) और सकल जैन समाज के सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के नाम 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मेनका गांधी से सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने और कथित बयान वापस लेने की मांग की गई।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मयूर पिच्छी जैन धर्म की प्राचीन परंपरा और अहिंसा के सिद्धांत का प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे तैयार करने के लिए मोरों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाता, बल्कि प्राकृतिक रूप से गिरे हुए पंखों का ही उपयोग किया जाता है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस संबंध में की गई टिप्पणी से जैन समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
जैन समाज ने ज्ञापन में मांग की कि धार्मिक परंपराओं और आस्थाओं से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक बयान देते समय संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी धर्म की मान्यताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी न हो, इसके लिए उचित कदम उठाए जाएं।
इसके अलावा समाज ने प्रमुख जैन तीर्थ स्थलों जैसे सम्मेद शिखरजी, गिरनारजी और पालिताना को विशेष पवित्र धार्मिक स्थल का दर्जा देने की मांग की। साथ ही विहार कर रहे जैन संतों और साध्वियों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था लागू करने की भी मांग रखी गई।
ज्ञापन में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर जैन कल्याण बोर्ड के गठन, जैन समाज के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, अहिंसा एवं जीव-दया बोर्ड बनाने की मांग भी शामिल रही।

इसके अलावा जैन धार्मिक ग्रंथों और प्राचीन धरोहरों के संरक्षण, जनगणना में जैन धर्म की अलग पहचान बनाए रखने, जैन धर्म व संतों के अपमान के मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई और नीति निर्माण संस्थाओं में जैन समाज को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जैन एकता मंच (युवा शाखा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव जैन, नगर मंत्री शोभित जैन, प्रदेश महामंत्री प्रदीप जैन, नितिन जैन, विपिन जैन, राजेश कुमारी समेत समाज के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
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