मुजफ्फरनगर: बारिश के बीच किसानों का प्रदर्शन, 14 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

HIGHLIGHTS
- भारी बारिश के बीच किसान मजदूर संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मुजफ्फरनगर में प्रदर्शन कर 14 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
- संगठन ने नकली खाद्य पदार्थों पर रोक, जल निगम की लापरवाही और किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
- किसानों ने कर्ज माफी, जैविक खेती अनुदान, गन्ना मूल्य बढ़ाने और लंबित भुगतान पर ब्याज देने की मांग की।
मुजफ्फरनगर: भारी बारिश के बावजूद किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी रहा। मंगलवार को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों किसान और मजदूर दोपहर करीब 3 बजे जिला मुख्यालय पहुंचे और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की।

संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम 14 सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से किसानों, मजदूरों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों के जल्द समाधान की मांग की गई। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रदर्शनकारी डीएम कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं।
प्रदर्शन के बाद जिला पंचायत सभागार में प्रशासनिक अधिकारियों और संगठन के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। संगठन के अनुसार, बैठक में कुछ स्थानीय समस्याओं के समाधान को लेकर सहमति बनी, जबकि अन्य मांगों को शासन स्तर तक भेजने का आश्वासन दिया गया।
किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष ठाकुर लोकेश राणा ने कहा कि जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों, नकली दूध, पनीर, दवाइयों और कृषि से जुड़े उत्पादों की बिक्री पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभागों की कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित रह जाती है और त्योहारों के समय ही अभियान चलाए जाते हैं।
उन्होंने जल निगम की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि पेयजल पाइपलाइन बिछाने के दौरान कई जगह सड़कें खोदी गईं, लेकिन लंबे समय बाद भी उनकी मरम्मत नहीं की गई। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।

ज्ञापन में किसानों की आर्थिक स्थिति से जुड़े कई मुद्दे शामिल किए गए। संगठन ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रति एकड़ 50 हजार रुपये अनुदान देने, किसानों की पूरी कर्ज माफी, गन्ने का समर्थन मूल्य 550 रुपये प्रति कुंतल तय करने और चीनी मिलों द्वारा भुगतान में देरी पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
संगठन ने यह भी मांग रखी कि गन्ना भुगतान में 14 दिन से अधिक की देरी होने पर किसानों को ब्याज सहित भुगतान कराया जाए और भुगतान में लापरवाही बरतने वाली मिलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।
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