किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! पंजाब सरकार ने बढ़ाई KCC ऋण सीमा

HIGHLIGHTS
- चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारकों के लिए एक अहम घोषणा करते हुए कई फसलों पर सहकारी ऋण सीमा बढ़ाने का ऐलान किया।
- मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए KCC नीति में बदलाव कर रही है।
- मुख्यमंत्री ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए प्रति एकड़ ऋण सीमा 24,300 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दी गई है।
- इसके साथ ही पहली बार फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को 2,000 रुप…
चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारकों के लिए एक अहम घोषणा करते हुए कई फसलों पर सहकारी ऋण सीमा बढ़ाने का ऐलान किया। मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए KCC नीति में बदलाव कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए प्रति एकड़ ऋण सीमा 24,300 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दी गई है। इसके साथ ही पहली बार फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को 2,000 रुपये प्रति एकड़ का अतिरिक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
गन्ने की फसल के लिए ऋण सीमा में बड़ा बदलाव करते हुए इसे 44,000 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 1 लाख रुपये प्रति एकड़ कर दिया गया है।
नई फसलों को भी KCC योजना में शामिल किया गया
सीएम मान ने बताया कि कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए कई नई फसलों को भी KCC योजना के दायरे में शामिल किया गया है, ताकि किसानों को अधिक वित्तीय सहायता मिल सके।
इसके तहत पॉपुलर की खेती पर 2,000 रुपये प्रति एकड़, बांस पर 13,000 रुपये, जामुन पर 23,000 रुपये, लेमन ग्रास पर 30,000 रुपये प्रति एकड़ का ऋण दिया जाएगा। वहीं लहसुन की खेती के लिए 1.57 लाख रुपये प्रति एकड़, रबी प्याज के लिए 92,686 रुपये प्रति एकड़ और हाइब्रिड टमाटर के लिए 80,981 रुपये प्रति एकड़ तक का ऋण उपलब्ध होगा।
बागवानी और मत्स्य पालन क्षेत्र को भी राहत
फलों की खेती में ड्रैगन फ्रूट के लिए 47,000 रुपये प्रति एकड़ का ऋण निर्धारित किया गया है। मत्स्य पालन क्षेत्र में भी संशोधन करते हुए ऋण सीमा 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है, जबकि सफेद झींगा के लिए इसे 4.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 5.50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य के सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में सहकारी बैंक किसानों को लगभग 7 प्रतिशत की दर से ऋण उपलब्ध करा रहे हैं, जो देश में सबसे कम दरों में से एक है।
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