'हमास जल्द माने शांति प्रस्ताव, वरना सभी शर्तें खत्म', ट्रंप ने फिर दी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को अपने सोशल प्लेटफॉर्म पर कहा कि हमास को गाजा में युद्धविराम पर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए, वरना प्रस्तावित शर्तें बरकरार नहीं रहेंगी। ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह की अनिर्णयशीलता बर्दाश्त नहीं करेंगे और प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने पर जोर दिया।
ट्रम्प ने इस्रायल की उस घोषणा की भी प्रशंसा की कि गाजा सिटी में हुए हवाई हमले के बाद वह कुछ समय के लिए बमबारी रोक रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि यह रोक बंधकों की रिहाई और शांति समझौते को अंतिम रूप देने का मौका देती है। उनका संदेश था कि हमास यदि हथियार डालकर वार्ता में शामिल हो जाता है तो ही शर्तें लागू रहेंगी; अन्यथा वे शर्तें समाप्त मान ली जाएंगी और परिणाम हानिकारक होंगे।
ट्रम्प ने पोस्ट में लिखा कि "मैं इस्राइल की सराहना करता हूं कि उसने बमबारी अस्थायी रूप से रोक दी ताकि बंधकों की रिहाई और समझौते को पूरा करने का अवसर मिले। हमास को तुरंत कदम उठाने होंगे, वरना सभी शर्तें खत्म हो जाएंगी। मैं किसी भी तरह की देरी सहन नहीं करूँगा।"
यह ताजा कड़ा संदेश उन दिनो में आया है जब गाजा में स्थिति नाज़ुक बनी हुई है — हाल में गाजा सिटी में हुए एक हवाई हमले में दस लोगों की मौत की खबरें आईं। इस घटना के बाद से इजरायली रक्षा बलों ने हमलों में कमी करने की बात कही है, जबकि गाजा के कुछ अस्पताल अधिकारियों ने भी हमलों में नरमी के संकेत दर्ज किए हैं।
ट्रम्प ने शुक्रवार को हमास को आखिरी समयसीमा भी दी थी और कहा था कि रविवार शाम तक वह शांति समझौते पर सहमति देने का अंतिम मौका दे रहे हैं। उनके मुताबिक़ इस योजना के तहत बंधकों की रिहाई और संघर्ष विराम को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि हमास इस योजना को स्वीकार कर लेता है तो इजरायल चरणबद्ध तरीके से पीछे हटेगा और बंधकों के बदले कुछ फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई भी होगी।
ट्रम्प द्वारा तैयार की गई यह 20-बिंदु वाली रूपरेखा गाजा के लिए एक अस्थायी प्रशासन के गठन और इलाके में मानवीय राहत व पुनर्निर्माण की रूपरेखा भी पेश करती है। योजना में यह भी कहा गया है कि गाजा के लोग जबरन अपने घरों से विस्थापित न हों और अगर दोनों पक्ष सहमत हों तो लड़ाई तुरंत बंद हो जाएगी। इसमें एक अंतरिम प्रशासन बोर्ड का सुझाव है, जिसका शीर्ष नेतृत्व ट्रम्प करने का प्रस्ताव है और जिसमें ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के भी शामिल होने की बात कही गई है।
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