अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 20 गीगावाट (GW) की परिचालन क्षमता का आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ कंपनी भारत की पहली ऐसी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी बन गई है जिसने मुख्य रूप से ग्रीनफील्ड विस्तार के जरिए यह मुकाम हासिल किया है। इसकी जानकारी कंपनी की ओर से बुधवार को दी गई।
कंपनी वर्तमान में हर साल 52 अरब यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली का उत्पादन कर रही है, जो भारत की कुल बिजली मांग का करीब 3 प्रतिशत हिस्सा पूरा करती है। एजीईएल के कार्यकारी निदेशक सागर अडाणी ने इस सफलता को दीर्घकालिक रणनीति और अनुशासित निष्पादन का नतीजा बताया है।
उन्होंने कहा कि कंपनी इतनी स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन कर रही है, जो मुंबई और नई दिल्ली की संयुक्त वार्षिक बिजली जरूरतों के बराबर है। इससे न केवल देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो रही है, बल्कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को भी गति मिल रही है।
यह उपलब्धि उस समय सामने आई है जब पिछले महीने लंदन में आयोजित Adani Green Energy Dialogue में सागर अडाणी ने ऊर्जा सुरक्षा, ट्रांसमिशन सुधार और 24x7 विश्वसनीय स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराने पर जोर दिया था।
तेज़ी से बढ़ती क्षमता और विस्तार
2016 में तमिलनाडु के कामुथी में अपनी पहली परियोजना शुरू करने के बाद, AGEL ने केवल एक दशक में यह तेज़ विस्तार हासिल किया है, जिसे भारत में सबसे बड़ी और तेज ग्रीनफील्ड रिन्यूएबल क्षमता वृद्धि में से एक माना जा रहा है।
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने 5,051 मेगावाट नई क्षमता जोड़ी है, जो चीन के बाहर किसी भी कंपनी द्वारा एक साल में सबसे अधिक वृद्धि मानी जाती है। वर्तमान पोर्टफोलियो में लगभग 14.2 GW सौर ऊर्जा, 2.7 GW पवन ऊर्जा और 3.3 GW हाइब्रिड क्षमता शामिल है।
बैटरी स्टोरेज में भी मजबूत पकड़
AGEL ने 3.55 गीगावाट-घंटे (GWh) की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) क्षमता भी स्थापित की है, जो चीन के बाहर सबसे बड़ी इंस्टॉलेशन में से एक है। यह तेजी से विकसित की गई वैश्विक परियोजनाओं में भी शामिल है।
सागर अडाणी के अनुसार, जैसे-जैसे देश के ऊर्जा मिश्रण में रिन्यूएबल ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ रही है, बैटरी स्टोरेज सिस्टम का महत्व भी लगातार बढ़ता जाएगा। यह स्थिर और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगा।
भविष्य की योजनाएं
कंपनी की योजना वित्त वर्ष 2027 तक 10 GWh अतिरिक्त बैटरी स्टोरेज जोड़ने की है, जबकि अगले पांच वर्षों में इसे बढ़ाकर 50 GWh तक ले जाने का लक्ष्य है। यह विस्तार 2030 तक 50 GW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता के लक्ष्य को समर्थन देगा।
गुजरात के कच्छ स्थित खावड़ा प्रोजेक्ट AGEL के भविष्य के विकास का मुख्य केंद्र बना हुआ है, जिसे दुनिया के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है।