केंद्रीय कैबिनेट ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मजबूत करने के लिए दो बड़ी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें दिल्ली में छह लेन वाली द्वारका टनल और उत्तर प्रदेश में कानपुर से कबरई तक चार लेन हाईवे का निर्माण शामिल है। इन दोनों परियोजनाओं पर कुल 14,115 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी देते हुए बताया कि यह फैसले दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। इन परियोजनाओं से न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि यात्रा समय में भी काफी कमी आएगी।

दिल्ली में बनेगी 8.1 किमी लंबी द्वारका टनल

दिल्ली में NH-148AE पर बनने वाली यह छह लेन की द्वारका टनल पश्चिमी और दक्षिणी दिल्ली को बेहतर तरीके से जोड़ने का काम करेगी। यह टनल द्वारका एक्सप्रेसवे (NH-248BB) के शिवमूर्ति इंटरचेंज को वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ेगी, जिससे दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन काफी सुगम हो जाएगा।

करीब 8.1 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में 3.1 किलोमीटर का हिस्सा साउदर्न रिज फॉरेस्ट के नीचे से गुजरेगा, जो इसे तकनीकी रूप से एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बनाता है। इस ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट को हाइब्रिड एन्यूटी मोड (HAM) पर विकसित किया जाएगा और इसकी अनुमानित लागत 6,970 करोड़ रुपये है। निर्माण कार्य को पांच साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

यूपी में बनेगा नया चार लेन हाईवे

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के लिए भी एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को मंजूरी दी है। इसके तहत कानपुर से कबरई तक एक चार लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे का निर्माण किया जाएगा। यह हाईवे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और औद्योगिक व व्यापारिक गतिविधियों को गति देगा।

इस परियोजना पर लगभग 7,145 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को मिलेगा बढ़ावा

दोनों परियोजनाओं को मिलाकर कुल 14,115 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन प्रोजेक्ट्स से न केवल ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स और आर्थिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी। हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत इनका निर्माण तय समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया जाएगा।