भारतीय वायुसेना में नेतृत्व परिवर्तन के तहत एयर मार्शल अशुतोष दीक्षित ने बुधवार को नए वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ (VCAS) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने एयर मार्शल नागेश कपूर का स्थान लिया, जो 30 जून को चार दशक से अधिक लंबी सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए। पदभार संभालने से पहले दीक्षित को वायु भवन, वायुसेना मुख्यालय में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

CISC के रूप में निभाई अहम जिम्मेदारी

नए वाइस चीफ बनने से पहले एयर मार्शल दीक्षित एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख (CISC) के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने 1 मई 2025 को यह जिम्मेदारी संभाली थी और 30 जून तक इस पद पर रहे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनके कार्यकाल में एकीकृत रक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कई अहम कदम उठाए गए। खासकर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना गया।

संयुक्त सैन्य ढांचे को मिला बढ़ावा

अपने कार्यकाल में उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए 20 संयुक्त सैन्य सिद्धांतों (Joint Doctrines) और प्राइमर्स को तैयार करवाया। इसके साथ ही ‘रण संवाद 2025’ और ‘रण संवाद 2026’ जैसी नई सैन्य पहल की नींव रखी गई और संयुक्त कमांडर सम्मेलनों का आयोजन किया गया।

इसके अलावा ‘डिफेंस फोर्सेज विजन 2047’ तैयार करने में भी उनकी अहम भूमिका रही, जिसे भविष्य की आधुनिक और तकनीक-संचालित सैन्य संरचना का रोडमैप माना जा रहा है।

करियर और अनुभव

एयर मार्शल दीक्षित को दिसंबर 1986 में भारतीय वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। वे एनडीए खडकवासला, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (बांग्लादेश) और नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं।

वे एक अनुभवी फाइटर पायलट, फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं, जिन्हें 3,300 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने मिराज-2000, मिग-21 और जगुआर सहित 20 से अधिक प्रकार के विमानों को उड़ाया है।