नई दिल्ली। विमानन कंपनी इंडिगो ने जेट ईंधन की बढ़ती कीमतों को देखते हुए अपने यात्रियों के लिए एक अहम फैसला लिया है। कंपनी ने घोषणा की है कि 14 मार्च, 2026 से देशभर और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकटों पर ईंधन अधिभार (Fuel Surcharge) लगाया जाएगा। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
इंडिगो के बयान के अनुसार, यह नया अधिभार 425 रुपये से 2,300 रुपये तक होगा और यह घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों पर लागू होगा। एयरलाइन ने बताया कि यह कदम जेट ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों और वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए उठाया गया है।
ईंधन लागत और परिचालन खर्च
विमानन कंपनियों के कुल खर्च का एक बड़ा हिस्सा ईंधन लागत पर होता है। इंडिगो का कहना है कि यह अधिभार बढ़ती परिचालन लागत का बोझ कम करने के उद्देश्य से लगाया जा रहा है। टिकट की मूल कीमत के अलावा यह अतिरिक्त शुल्क लागू होगा। एयरलाइन ने यह भी कहा कि बाजार की स्थितियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर और संशोधन किया जा सकता है।
यात्रियों पर प्रभाव
14 मार्च से बुक किए जाने वाले सभी टिकटों पर यह नया ईंधन अधिभार लागू होगा। इसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ेगा और हवाई यात्रा कुछ महंगी हो जाएगी।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण जेट ईंधन की कीमतों में हुई तेज बढ़ोतरी के बाद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी हाल ही में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ईंधन अधिभार बढ़ा दिया है। चूंकि इंडिगो देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन है, इसलिए इसके अधिभार बढ़ाने का निर्णय घरेलू हवाई यात्रियों के खर्च को काफी प्रभावित कर सकता है।