पंजाब में भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। पार्टी हाईकमान ने बरनाला के पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा की कमान सौंपी है।

इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति और भाजपा के भीतर नए समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। माना जा रहा है कि पार्टी आने वाले समय में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।

राजनीतिक और कारोबारी पृष्ठभूमि

केवल सिंह ढिल्लों का संबंध बरनाला जिले के तल्लेवाल गांव से है। उनका जन्म 16 मई 1950 को हुआ था। वह एक प्रभावशाली कारोबारी परिवार से आते हैं और ढिल्लों ग्रुप के प्रमुख भी हैं। राजनीति के साथ-साथ उनका व्यवसायिक क्षेत्र में भी मजबूत प्रभाव माना जाता है।

उनकी शुरुआती शिक्षा बरनाला में हुई और उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई की है। परिवार में उनकी पत्नी मनजीत कौर और दो पुत्र कंवरइंदर सिंह ढिल्लों व करणइंदर सिंह ढिल्लों हैं, जो पारिवारिक व्यवसाय और रियल एस्टेट से जुड़े काम संभालते हैं।

राजनीतिक सफर

केवल सिंह ढिल्लों पिछले करीब दो दशकों से सक्रिय राजनीति में हैं। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर 2007 और 2012 में बरनाला विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। 2012 में उन्होंने बड़े अंतर से विजय हासिल की थी।

वे पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी में वरिष्ठ उपप्रधान की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं और मालवा क्षेत्र में कांग्रेस के मजबूत चेहरों में गिने जाते रहे हैं। हालांकि 2017 विधानसभा चुनाव और 2019 लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

जून 2022 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। इसके बाद पार्टी ने उन्हें संगरूर लोकसभा उपचुनाव में भी उम्मीदवार बनाया था।

भाजपा में नई भूमिका

भाजपा में शामिल होने के बाद ढिल्लों लगातार संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे और कोर कमेटी का हिस्सा भी बने। अब उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह पंजाब में नए नेतृत्व और क्षेत्रीय संतुलन के साथ आगे बढ़ना चाहती है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने मालवा क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने और किसान व कारोबारी वर्ग तक पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से यह अहम निर्णय लिया है।