भोले बाबा डेयरी ग्रुप और अन्य खाद्य कारोबारियों की फर्मों पर आयकर विभाग ने गुरुवार सुबह ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस अभियान में आगरा, कानपुर, मथुरा, भरतपुर, अलीगढ़, गौतमबुद्ध नगर और दिल्ली समेत कुल 35 स्थानों पर 150 से अधिक अधिकारियों ने दस्तक दी। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, बेनामी संपत्तियों और विदेशी निवेश के साक्ष्य मिले हैं। साथ ही मिलावटी घी बनाने से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए।

आयकर उप निदेशक हार्दिक अग्रवाल के नेतृत्व में यह कार्रवाई आयकर विभाग, कानपुर जोन के प्रधान निदेशक पीयूष कोठारी के निर्देश पर की गई। छापेमारी के दौरान आगरा निवासी कारोबारी कृष्ण मुरारी अग्रवाल, गोविंद, तरुण, हरिशंकर, जितेंद्र और वीरेंद्र अग्रवाल के आवासीय और व्यावसायिक परिसरों की जांच की गई।

साथ ही कमला नगर निवासी गौरव बंसल की दौसा स्थित दाऊजी मिल्क प्रोडक्ट्स और अमन व अभिषेक जैन की सिरसागंज स्थित पोद्दार मिल्क प्रोडक्ट्स के ठिकानों पर भी आयकर टीम ने छापा मारा। अधिकारियों ने बताया कि इन फर्मों से करोड़ों रुपये की नकदी और बहुमूल्य आभूषण बरामद हुए। इसके अलावा, बेनामी संपत्ति और विदेशी निवेश से जुड़े दस्तावेज भी हाथ लगे।

मिलावटी घी से कमाई का खुलासा

विभागीय सूत्रों के अनुसार, दाऊजी मिल्क प्रोडक्ट्स और पोद्दार मिल्क प्रोडक्ट्स से ऐसे दस्तावेज मिले हैं जो नकली घी बनाने और बेचने वाले बड़े रैकेट की ओर इशारा करते हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि कर चोरी का वास्तविक आंकड़ा पहले की तुलना में कहीं अधिक हो सकता है। जांच के बाद आयकर विभाग संबंधित खाद्य उत्पाद निगरानी विभाग को रिपोर्ट सौंपेगा।

नकली घी बेचने वाले ट्रेडर्स भी जांच में

राजस्थान में नकली घी को बाजार में बेचने वाले बड़े ट्रेडर्स भी आयकर विभाग की जांच में हैं। बीकानेर के आशीष अग्रवाल ग्रुप और जोधपुर के मलानी ग्रुप के ठिकानों पर भी टीमों ने तलाशी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क बड़ी मात्रा में नकली घी खपाकर करोड़ों रुपये की कर चोरी कर रहा था।

कार्रवाई का दायरा

दुग्ध और डेयरी उत्पाद बनाने वाली फर्मों के खिलाफ यह अभियान आगरा, अलीगढ़, कानपुर, गौतमबुद्ध नगर, भरतपुर, दौसा, दिल्ली, धौलपुर, बीकानेर, जोधपुर, मथुरा और फिरोजाबाद के 35 ठिकानों पर जारी है।