वॉशिंगटन/तेहरान: मध्य पूर्व में तनाव तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका ने बुधवार तड़के ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य हमले किए। अमेरिकी सेना के अनुसार, इन हमलों में भारी क्षमता वाले डीप पेनेट्रेटर बम (करीब 5,000 पाउंड) का इस्तेमाल किया गया और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित ईरानी मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि इन ठिकानों पर मौजूद एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा बन रही थीं, इसलिए यह कार्रवाई की गई।

इस्राइल पर ईरानी मिसाइल हमले, दो की मौत

जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इस्राइल के मध्य क्षेत्र में बैलिस्टिक मिसाइल दागे। आपातकालीन सेवा मैगन डेविड एडोम के अनुसार, रमत गन में एक पुरुष और एक महिला की मौत हुई, जबकि बेनी ब्राक में एक व्यक्ति घायल हुआ है।

यूएई और खाड़ी देशों में अलर्ट

संयुक्त अरब अमीरात ने भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की पुष्टि की है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, वायु रक्षा प्रणालियों ने कई बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि लड़ाकू विमानों ने ड्रोन मार गिराए।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

इसी बीच बहरीन और कुवैत में भी सायरन बजने की खबरें सामने आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय है और धमाकों की आवाजें इंटरसेप्शन के कारण हैं।

ईरान और इस्राइल के बीच हमले तेज

इस बीच इस्राइल ने भी ईरान और अन्य क्षेत्रों में अपने हवाई हमले तेज कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया हमलों में ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी और बासिज फोर्स के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी की मौत हो गई।

इसके अलावा, इस्राइली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर भी हवाई हमले किए हैं।

क्षेत्र में बढ़ती चिंता

लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाइयों से पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।