भारतीय स्टेट बैंक (SBI) कर्मचारियों की 25 और 26 मई को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल फिलहाल टाल दी गई है। यह फैसला मुंबई में बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई बातचीत के बाद लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, बैठक में कई अहम मुद्दों पर सकारात्मक सहमति बनी, जिसके बाद यूनियनों ने हड़ताल स्थगित करने का निर्णय किया।

इस फैसले से बैंक ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि दो दिनों तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की आशंका खत्म हो गई है।

16 सूत्रीय मांगों को लेकर था विवाद

अखिल भारतीय एसबीआई स्टाफ महासंघ ने कर्मचारियों की 16 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल का ऐलान किया था। इन मांगों में कर्मचारियों की भर्ती, कार्यभार कम करने, आउटसोर्सिंग पर रोक, करियर ग्रोथ और चिकित्सा सुविधाओं में सुधार जैसे मुद्दे शामिल थे।

एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन, बंगाल सर्किल के सचिव सुदीप दत्ता ने बताया कि प्रबंधन के साथ बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई और कई मांगों पर प्रगति दर्ज की गई। इसी के चलते फिलहाल हड़ताल टालने का फैसला लिया गया।

भर्ती और नौकरी सुरक्षा पर जोर

कर्मचारी संगठनों ने संदेशवाहकों और सशस्त्र गार्डों की भर्ती को लेकर विशेष मांग उठाई थी। इसके अलावा स्थायी पदों पर आउटसोर्सिंग बंद करने की भी बात कही गई थी। यूनियनों का कहना था कि लगातार आउटसोर्सिंग बढ़ने से कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षा प्रभावित हो रही है।

करियर और मेडिकल सुविधाओं की मांग

महासंघ ने कर्मचारियों के प्रमोशन और करियर प्रगति से जुड़ी नीतियों की समीक्षा की भी मांग रखी थी। साथ ही मेडिकल प्रतिपूर्ति और HRMS से जुड़े मामलों में सुधार पर भी चर्चा हुई। कर्मचारियों ने बैंक में लिपिकीय स्टाफ की लगातार घटती संख्या को लेकर भी चिंता जताई थी।

कार्यभार और स्थानांतरण के मुद्दे

बढ़ते कार्यभार और अंतर-सर्किल ट्रांसफर में देरी को लेकर भी कर्मचारियों ने नाराजगी जाहिर की थी। पेंशन संबंधी मामलों को भी बैठक में उठाया गया।

महासंघ के महासचिव एल. चंद्रशेखर ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा कि प्रबंधन के साथ हुई चर्चा सकारात्मक रही और कई मांगों पर सुधार की दिशा में सहमति बनी है। इसी वजह से प्रस्तावित हड़ताल को फिलहाल स्थगित किया गया है।