कर्नाटक कांग्रेस में मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर अंदरूनी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच कांग्रेस विधायक बेलुर गोपाल कृष्णा ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि पार्टी के करीब 30 से 35 विधायक 28 या 29 मई को दिल्ली का दौरा करेंगे, जहां वे पार्टी नेतृत्व से मुलाकात कर मंत्रिमंडल में बदलाव की मांग रखेंगे।
मंत्रिमंडल फेरबदल पर जोर
विधायक बेलुर गोपाल कृष्णा के अनुसार, पार्टी के कई विधायक चाहते हैं कि सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद जल्द ही मंत्रिमंडल में बदलाव किया जाए और लगभग 20 नए विधायकों को मंत्री बनने का अवसर दिया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर मंत्रिमंडल में फेरबदल नहीं किया गया, तो विधायकों की ओर से सख्त रुख अपनाया जा सकता है।
दिल्ली जाने की तैयारी
कृष्णा ने बताया कि पहले कुछ विधायकों की संख्या कम थी, लेकिन अब यह बढ़कर लगभग 35 तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जल्द ही बैठक कर अंतिम रणनीति तय की जाएगी।
उनके मुताबिक, यह मामला अब “करो या मरो” की स्थिति में पहुंच चुका है, क्योंकि सरकार बने तीन साल हो चुके हैं और अब तक अपेक्षित बदलाव नहीं हुए हैं।
मुख्यमंत्री और नेतृत्व पर सवाल
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा हाल ही में मंत्रिमंडल फेरबदल और नए चेहरों को मौका देने की बात का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को अब इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
हालांकि मुख्यमंत्री परिवर्तन के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह पार्टी हाईकमान के अधिकार क्षेत्र में है और विधायक केवल अपनी मांगें रख रहे हैं।
बढ़ती अंदरूनी खींचतान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी के भीतर मंत्रिमंडल फेरबदल और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों को लेकर मतभेद बढ़ते जा रहे हैं। कुछ विधायक पहले ही दिल्ली में पार्टी नेतृत्व से मुलाकात कर चुके हैं और बदलाव की मांग उठा चुके हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, जहां एक ओर सिद्धारमैया मंत्रिमंडल फेरबदल के पक्ष में बताए जा रहे हैं, वहीं कुछ नेताओं का मानना है कि इससे नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं पर भी असर पड़ सकता है।