मुजफ्फरनगर में लेखपाल भर्ती परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर फैले “मोबाइल से नकल” के आरोपों की दोबारा जांच में भी प्रशासन को कोई प्रमाण नहीं मिला है। जिला प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने स्पष्ट किया है कि लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

यह पूरा मामला नई मंडी क्षेत्र स्थित दीपचंद ग्रेन चैंबर इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र से जुड़ा है। गुरुवार को परीक्षा के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया था कि कमरा नंबर-23 में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था और कथित तौर पर नकल कराई जा रही थी। इस दावे के समर्थन में एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।


आरोप सामने आने के बाद प्रशासन ने उसी दिन केंद्र पहुंचकर प्रारंभिक जांच की थी और सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की गई थी, जिसमें किसी तरह की अनियमितता नहीं पाई गई थी। मामले के लगातार तूल पकड़ने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार को एक बार फिर विस्तृत जांच कराई गई।

दूसरी जांच के दौरान एडीएम प्रशासन संजय कुमार सिंह, शिक्षा विभाग के अधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक मौके पर मौजूद रहे। टीम ने करीब दो घंटे की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का दोबारा विश्लेषण किया और कमरा नंबर-23 में तैनात दोनों कक्ष निरीक्षकों के बयान भी दर्ज किए।

एडीएम प्रशासन ने बताया कि जांच में न तो मोबाइल से नकल कराने का कोई सबूत मिला और न ही किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की पुष्टि हुई। उन्होंने कहा कि यह मामला जांच में पूरी तरह गलत और भ्रामक पाया गया है, और संभवतः परीक्षा के बाद कुछ लोगों द्वारा अफवाह फैलाने का प्रयास किया गया।

इधर, कॉलेज प्रशासन ने भी मामले में पुलिस को शिकायत दी है। प्रधानाचार्य चंद्रभान की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि संस्थान की छवि खराब करने के उद्देश्य से झूठा वीडियो वायरल किया गया और अफवाह फैलाई गई। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और उसके प्रसार में शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा केंद्र पर सभी सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मानकों के अनुसार लागू थीं और परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।